विकास का नया अध्याय लिख रहे डीएम राजेश कुमार पांडेय : कठिन भूगोल, बड़ी चुनौतियां, फिर भी फील्ड में डटे
Kunwar Diwakar Singh
Wed, Oct 21, 2026
कुंवर दिवाकर सिंह
बहराइच। नक्शे पर बहराइच भले ही एक जिला हो, लेकिन जमीनी हकीकत में यह तीन मोर्चों पर चुनौती है-एक तरफ नेपाल की खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा वाला अति संवेदनशील रुपईडीहा, दूसरी तरफ हर साल तबाही लाने वाली घाघरा नदी और तीसरी तरफ घने जंगलों में बसा दुर्गम थारू अंचल। ऐसे कठिन भूगोल वाले जिले में एसी कमरे से अफसरी नहीं चलती। इसी को समझते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने फील्ड को ही अपना कार्यालय बना लिया है।नतीजा योगी सरकार की हर योजना अंतिम पायदान तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। डीएम राजेश कुमार पांडेय इस विजन को बहराइच में हकीकत में बदल रहे हैं। पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री आवास योजना में बहराइच ने रिकॉर्ड प्रगति की है। डीएम की दिनचर्या तहसील दिवस, थाना दिवस, ब्लॉकों और तहसीलों के औचक निरीक्षण से शुरू होती है। वे फरियादियों के बीच बैठकर सुनते हैं और मौके पर ही समाधान कराते हैं।
बाढ़ से पहले तैयारी, बॉर्डर पर पहरेदारी
घाघरा की बाढ़ से निपटने के लिए महीनों पहले से बंधों का निरीक्षण, नाव, राहत सामग्री, मेडिकल टीम की तैयारी पूरी करा ली गई है। वहीं नेपाल सीमा के आखिरी गांवों तक सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा की रोशनी पहुंचाई जा रही है।
थारू बेल्ट में विकास की नई रोशनी
मिहींपुरवा और सुजौली जैसे दुर्गम इलाके जहां कभी योजनाएं कागजों तक सीमित थीं, वहां डीएम खुद जाकर थारू आदिवासी परिवारों को आवास, शौचालय, राशन, पेंशन, वन पट्टे का लाभ दिला रहे हैं। स्थानीय लोग कहते हैं-पहले अफसरों से मिलने के लिए चक्कर काटने पड़ते थे, अब डीएम साहब खुद चलकर हमारे बीच आते हैं। निश्चित रूप से डीएम राजेश कुमार पांडेय बहराइच में सुशासन और विकास का नया अध्याय लिख रहे हैं।
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