ब्रेकिंग

जरवलरोड के एकलव्य महाविद्यालय झुकिया के निकट की घटना

थाना प्रभारी ने प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश

कैकेयी के दो वरदान और केवट संवाद के मार्मिक प्रसंग से नम हुआ पंडाल

पीठासीन अधिकारियों को वितरित किये गये स्टेशनरी बैग

अवैध एवं ओवरलोडेड वाहनों तथा अवैध बालू खनन के विरूद्ध प्रवर्तन की प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

Ad

श्रीराम के वन गमन का दृश्य देख भावुक हुए दर्शक, आंखों से छलके आंसू : कैकेयी के दो वरदान और केवट संवाद के मार्मिक प्रसंग से नम हुआ पंडाल

Kunwar Diwakar Singh

Sun, Oct 18, 2026

बौंडी, बहराइच। क्षेत्र के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में चल रहे मंचन के दौरान उस समय माहौल अत्यंत कारुणिक हो उठा, जब मंच पर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के वन गमन का दृश्य जीवंत हुआ। विदाई के मार्मिक पलों को देख दर्शकों की आंखें छलक पड़ीं और पूरा पंडाल सन्नाटे में डूब गया। मंचन में दिखाया गया कि महाराज दशरथ द्वारा श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा करते ही पूरी अयोध्या नगरी में उत्सव की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इसी बीच मंथरा के बहकावे में आकर रानी कैकेयी ने महाराज दशरथ से दो वरदान मांग लिए-पहला भरत को अयोध्या की राजगद्दी और दूसरा श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास। कैकेयी के इन वचनों को सुनते ही महाराज दशरथ अचेत होकर गिर पड़े। पिता के वचनों की लाज रखने के लिए प्रभु श्रीराम ने सहर्ष राजसी वैभव त्याग दिया और माता सीता व अनुज लक्ष्मण के साथ वन गमन के लिए प्रस्थान किया। विदाई का यह दृश्य इतना मार्मिक था कि दर्शक अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। इसके पश्चात प्रभु श्रीराम और मंत्री सुमंत के संवाद ने वातावरण में ऊर्जा का संचार किया। वहीं गंगा तट पर राम-केवट के भक्तिपूर्ण संवाद ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्रा, प्रबंधक साकेत भूषण तिवारी, अशोक तिवारी, दिनेश तिवारी, मिथिलेश शर्मा, जितेंद्र रस्तोगी, सूरज जायसवाल सहित हजारों की संख्या में दर्शक व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें