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सेनानी उत्तराधिकारियों ने देशभक्ति और बलिदान की चर्चा की

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: देश भक्तों ने लाला लाजपत राय को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की 95वीं पुण्यतिथि मनाई गई
सेनानी उत्तराधिकारियों ने लाला जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए किया कार्यक्रम का समापन
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में शुक्रवार को पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की 95वीं पुण्यतिथि एवं बलिदान दिवस मनाया गया। सभी देश भक्तों ने लाला लाजपत राय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन संरक्षक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि लाला लाजपतराय कांग्रेस के गरम दल के तीन नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक थे। उन्होंने साइमन गो बैक का नारा दिया और तत्कालीन देश की आजादी के लिए नौजवानों के खून में उबाल पैदा किया। उनका पूरा जीवन स्वामी दयानन्द सरस्वती के दर्शन से प्रभावित था। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि लाला लाजपतराय ने कहा था कि मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी की चोट ब्रिटिश सरकार के कफन की कील साबित होगी। आन्दोलनों के जरिए उनका शिक्षा, समाज सुधार, आर्थिक उन्नति एवं राष्ट्र निर्माण में बहुत योगदान था। उनकी प्रेरणा से भगतसिंह, ऊधम सिंह सहित तमाम देश के क्रांतिकारियों ने आजादी की बलि वेदी पर अपनी आहुति दी। संगठन के विशेष आमंत्रित सदस्य भानु प्रताप द्विवेदी एडवोकेट ने कहा कि लाला लाजपत राय ने हरियाणा के हिसार नामक स्थान से स्वदेशी आंदोलन का सूत्रपात किया। उन्होंने स्वदेशी आंदोलन 07 अगस्त 1905 को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक भाग के रूप में प्रारम्भ किया। यह आन्दोलन ब्रिटिश सरकार के बंगाल विभाजन के विरोध स्वरूप प्रत्यक्ष परिणाम था। अन्त में उपस्थित सभी सेनानी उत्तराधिकारियों ने लाला जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में राहुल चौधरी, पवन सिंह, सहीम, साहब चरन, पवन तिवारी, सोनू गुप्ता सहित तमाम राष्ट्र भक्त मौजूद रहे।

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