मां का पहला पीला गाढ़ा दूध नवजात के लिए अमृत : विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर महर्षि बालार्क चिकित्सालय में माताओं को किया गया जागरूक
Kunwar Diwakar Singh
Sat, Aug 1, 2026
बहराइच। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर महर्षि बालार्क चिकित्सालय में माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड के प्रोजेक्ट जागृति-4 के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में प्रसूताओं की काउंसलिंग कर उन्हें स्तनपान के महत्व, सही तकनीक और इससे जुड़े प्रमुख संदेशों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान जिला स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों का असर जिले में शुरुआती स्तनपान की बढ़ती स्वीकार्यता के रूप में दिख रहा है। उन्होंने बताया कि एचएमआईएस के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में कुल 1,01,058 जीवित जन्म दर्ज किए गए, जिनमें से 98,959 नवजातों यानी लगभग 98 प्रतिशत को जन्म के पहले घंटे के अंदर स्तनपान कराया गया। उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला पहला पीला व गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, इसलिए प्रसव के तुरंत बाद स्तनपान शुरू कराना बेहद जरूरी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि स्तनपान नवजात के स्वस्थ जीवन की पहली और सबसे मजबूत नींव है। एसीएमओ डॉ. संतोष राना ने कहा कि संस्थागत प्रसव के बाद अस्पताल स्तर पर प्रत्येक मां को सही मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है, ताकि हर नवजात को जीवन के पहले घंटे में ही मां का दूध मिल सके। कार्यक्रम में हॉस्पिटल मैनेजर रिजवान तथा डीसीपीएम मो. राशिद ने भी माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक किया और समुदाय स्तर पर इन संदेशों को व्यापक रूप से फैलाने का आह्वान किया।
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