उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक सम्पन : आवश्यक सूचनाओं का संकलन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए
Kunwar Diwakar Singh
Wed, Aug 5, 2026
बहराइच। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने आयोग के सदस्य से.नि. जनपद न्यायाधीश बृजेश कुमार, से.नि. अपर जनपद न्यायाधीश सन्तोष कुमार विश्वकर्मा, से.नि. आई.ए.एस. डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया व से.नि. आई.ए.एस. एस.बी. सिंह तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, प्रधान ग्राम पंचायत, बीडीसी व अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विकास भवन सभागार में स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधित्व, आरक्षण व्यवस्था तथा आयोग द्वारा किए जा रहे अध्ययन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं के सम्बन्ध में जिले के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा मौजूद अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से स्थानीय निकायों की वर्तमान स्थिति, पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, प्रतिनिधित्व तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों एवं आंकड़ों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई। मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनंवता द्वारा आयोग के समक्ष संबंधित विषयों की जानकारी रखते हुए बताया कि जनपद बहराइच में कुल 14 विकास खण्ड एंव 1043 ग्राम पंचायत है। जनपद बहराइच की 1043 ग्राम पंचायतों की कुल जनसंख्या लगभग 31 लाख 18 हज़ार 470 है। जिनमें सामान्य जाति की जनसंख्या 10 लाख 941, अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 10 हज़ार 857. अनुसूचित जाति की जनसंख्या 4 लाख 85 हज़ार 365 एवं अन्य पिछडा वर्ग की जनसख्या 16 लाख 21 हज़ार 307 है। इस अवसर पर डीडीओ राज कुमार, डीपीआरओ चन्द्रभान सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी मंजरी भारद्वाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई कार्यशाला
बहराइच। लेखांकन प्रक्रिया से सम्बंधित विभिन्न मुददों पर विचार विमर्श तथा जी.पी.एफ. अभिदाताओं को उचित मार्गदर्शन एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से विगत दिवस विकास भवन सभागार में महालेखाकार कार्यालय के वरिष्ठ उपमहालेखाकार/राजकोष राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं आहरण वितरण अधिकारियों एवं उनके प्रतिनिधियों को आदालत में सामान्य भविष्य निधि डेबिट वाउचरों/क्रेडिट शिड्यूल, ए.सी./डी.सी. बिल्स, ऋण, अंतिम भुगतान प्रकरण/मिलान प्रकरणों संबंधी अद्यतन जानकारी, अनपोस्टेड आइटमों एवं अग्रिमों के लेखा के सम्बन्ध में चर्चा की गयी। कार्यशाला के दौरान निरीक्षण दल द्वारा सुझाव दिया गया कि सामान्य भविष्य निधि पासबुक निर्धारित प्रोफोर्मा पर ही बनवाई जाय एवं प्रत्येक माह डेबिट एवं क्रेडिट की पोस्टिंग आहरण एवं वितरण अधिकारी द्वारा की जाये। कार्यशाला के अन्त में वरिष्ठ उपमहालेखाकार द्वारा सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, वरिष्ठ कोषाधिकारी नरोत्तम शरण, जिला विकास अधिकारी राज कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी घासी राम सहित अन्य जिला स्तरीय एवं आहरण वितरण अधिकारी तथा उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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