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: भू-माफियाओं द्वारा साजिश कर नगर पालिका की जमीन का कराया बैनामा

अध्यक्ष और ईओ ने प्रमुख सचिव को भेजा शिकायती पत्र, जांच की मांग
बहराइच। कस्बे में कुछ लोगों ने राजस्व विभाग से मिलकर नगर पालिका की जमीन को अपने नाम बैनामा करवा लिया। लोगों ने जब कब्जेदारी शुरू की तो नगर पालिका प्रशासन को मामले की जानकारी हुई। मामला नगर पालिका परिषद नानपारा का है। नगर पालिका अध्यक्ष को पता चला। जिस पर उन्होंने सीएम, प्रमुख सचिव और डीएम को शिकायती पत्र भेजकर जांच की मांग की है। साथ ही शहर की जमीन को बैनामा और चकबंदी में शामिल करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। नगर पालिका परिषद नानपारा के अध्यक्ष अब्दुल वहीद व अधिशासी अधिकारी रंग बहादुर सिंह ने नगर पालिका की 31 संपत्तियों का हवाला देते हुए राजस्व विभाग में जेड ए दर्शाकर कथित भू-माफियाओं ने साजिश के तहत कई व्यक्तियों के नाम हस्तानांतरित करवा लिया। पालिका की संपत्ति को हड़पने की जांच कराने एवं संपत्ति को पूर्व राजस्व आकार पत्र 41 के अनुसार नान जेड ए दर्ज कराने के संबंध में कार्रवाई करने के लिए अध्यक्ष बोर्ड ऑफ रेवेन्यू राजस्व परिषद सहित प्रमुख सचिव नगर विकास व जनपद के अधिकारियों को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने उल्लेख करते हुए कहा है कि नगर पालिका परिषद नानपारा की सीमा के अंदर गाटा संख्या 4237 क रकबा 1.340 एकड़ आकार पत्र 41 में नाम जेड ए नाला अंकित है। जो नाला संपूर्ण शहर व उसके संलग्नक अन्य क्षेत्रों का पानी नगर पालिका स्थापना से कायम है। इस नाला को आकार पत्र 45 में सोची समझी साजिश एवं राजस्व विभाग तहसील तहसील नानपारा को त्रुटि पूर्ण कार्यशैली के कारण किशन लाल पुत्र रामनारायण निवासी जुबलीगंज नानपारा के आकार पत्र 45 में खाता संख्या 242 पर उक्त नान जेड ए नाला का नंबर 4237 क रकबा 1.340 एकड़ का अंकन कर दिया गया है। जबकि नगर पालिका के अभिलेख खसरा व खतौनी सर्वे सन 1964-65 में खसरा संख्या 4810 साबिक नंबर 8068 रकबा 71 डिसमिल नाला तथा उसी के बगल पूरब खसरा संख्या 4811 साबिक नंबर 8068 रब्बा 53 डिसमिल रास्ता के रूप में अंकित है। जो नगर पालिका संपत्ति को क्षति पहुंचाने की भू-माफियाओं की सोची समझी साजिश है। उक्त अंकन का लाभ उठाकर किशन लाल के वारीसान पंजीकृत दस्तावेज के आधार पर नामांतरण प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है ऐसी स्थिति में नगर पालिका की सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त नगर क्षेत्र की नान.जेड.ए. की अन्य संपत्तियां जो लगभग 31 है जिसमे अलग-अलग नंबरों पर मजरूआ, बंजर पिछवाड़ा क्लब, क्लब घर, बंजर.तालाब तथा बालक क्रीड़ा स्थल सहित नाला, रास्ता व तालाब, कुआं आदि के रूप में संपत्तियों नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज हैं। जिसकी सूची अभी तक राजस्व अभिलेखों में नान जेड ए अंकित कराने की कार्रवाई करने का निर्देश करें। नगर पालिका नानपारा के अधिशासी अधिकारी रंग बहादुर सिंह तथा नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल वहीद ने प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश शासन तथा जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय व उप जिलाधिकारी नानपारा को भी पत्र भेजकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। नगर पालिका की जमीनों पर अवैध कब्जा होने से नगरीय क्षेत्र में आने वाली सरकारी योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जिससे नगर का विकास बाधित हो रहा है।


जेड ए दिखाकर जमीन का कराया बैनामा
नगर पालिका की ओर से बताया कि नगर पालिका नानपारा 1901 में स्थापित हुई है। उस समय नगर पालिका की जो भूमि संपत्ति अभिलेखों में अंकित थी। उसका खसरा, खतौनी तथा नक्शा भी नगर पालिका में उपलब्ध है। लेकिन राजस्व विभाग की मिलीभगत से शहरी क्षेत्र की जमीनों को चकबंदी के दौरान तहसील के अभिलेखों में दर्ज कर लिया गया। इसका भू-माफियाओं ने फायदा उठाकर नान जेड ए की जमीन नगर पालिका नानपारा की संपत्ति है। उसे जेड ए दिखाकर कथा कथित रूप से बैनामा कर कब्जा कर रहे हैं।

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