साहित्यकारों को अवध वाटिका साहित्य गौरव सम्मान से किया गया सम्मानित : हास्य कवि पी.के.प्रचण्ड के जन्म दिवस पर उमड़ा साहित्यकारों का हुजूम
Kunwar Diwakar Singh
Wed, Jul 15, 2026
बहराइच। अवध वाटिका साहित्य संस्थान के तत्वावधान में आयोजित नियमित पाक्षिक कवि गोष्ठी का आयोजन सेनानी भवन सभागार में किया गया। अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त बाराबंकी के साहित्यकार अदील मंसूरी ने की। संचालन तिलक राम अजनबी ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिवहन विभाग के यात्री कर अधिकारी अवधराज गुप्ता रहे। यह कार्यक्रम संस्था के अध्यक्ष पी.के.प्रचंड के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित उक्त कार्यक्रम में उर्दू एकाडमी लखनऊ से प्रकाशित वयोवृद्धि शायर जव्वाद वारिस की नात व मनकबत का शेरी संग्रह मता-ए-सुखन का विमोचन व युवा रचना व अफसानानिगार रुखसाना परवीन अफसाना-ए-हकीकीकी का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर अवध वाटिका साहित्य संस्थान की ओर से जनपद देवरिया की कवयित्री क्षमा श्रीवास्तव, मुजफ्फरपुर बिहार की सुश्री मुस्कान केशरी, बहराइच की मधुलिका स्वरूप, सीतापुर की सुमन मनीष मिश्रा, लखनऊ के कवि हरि गोविन्द यादव, शायर अतीक कासगंजवी, डाक्टर सरवर बहराइची, आमिल गोण्डी, शौहर गोण्डवी, डा.शाद बलरामपुरी, जव्वाद वारिस को अजम गोण्डी को संस्था के संरक्षक राम सागर राव (पूर्व विधायक), अध्यक्ष पी.के.प्रचण्ड, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अवध राज गुप्ता, अध्यक्षता कर रहे अदील मंसूरी, उपाध्यक्ष रईस सिद्दीकी, संस्था की कोषाध्यक्ष श्रीमती सारंधा रानी व अन्य सदस्यों ने अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात कवि राघवेंद्र त्रिपाठी की वाणी वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कवि विनोद कश्यप, महीप चन्द कनौजिया, रामसूरत वर्मा जलज, शैलेन्द्र मिश्रा, अरफी खान बम्पर, रईस सिद्दीकी, डा.ऋचा श्रीवास्तव, सुश्री रंजीता राज, सुभाषित श्रीवास्तव अकिंचन, शैलेन्द्र सागर शुक्ल, डा.सगीर अहमद, डा.मुबारक, अल्लन बहराइची, श्रीमती लल्लू देवी, रुखसार परवीन, उमर नानपारवी, अज्म गोण्डवी, जमाल अजहर, शहनवाज खान सहित सभी कवियों, शायरों ने अपनी अपनी रचनाएं पढ़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अवध राज गुप्ता ने भी अपनी रचना पढ़ी तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण परिषद के संगठन मंत्री रमेश चन्द्र मिश्र व संस्था के संरक्षक राम सागर राव ने सभी कवि एवं साहित्य प्रेमी बंधुओं की सराहना की तथा आर्शीवचन प्रदान किया। अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अदील मंसूरी ने पी.के.प्रचंड को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए अध्यक्षीय काव्य पाठ करते हुए सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर संजय वर्मा एडवोकेट, धनुषधारी चौरसिया एडवोकेट, दीपेन्द्र पाण्डेय, राजकिशोर वर्मा एडवोकेट, अनूप पाल सहित अन्य तमाम साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
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