जन्मदिवस पर चहलारी नरेश बलभद्र सिंह को किया गया नमन : जिले के अनेक जगहों पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
Kunwar Diwakar Singh
Wed, Jun 10, 2026
बहराइच। वीर शिरोमणि चहलारी नरेश महाराजा बलभद्र सिंह की 186वी जयंती जिले के अनेक स्थानों पर मनाई गई। जिसमें लोगों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। तहसील महसी के मुरौवा में उनके जन्मदिवस पर एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें चहलारी नरेश को श्रद्धांजलि दी गई। उत्तराधिकारी चहलारी नरेश आदित्यभान सिंह ने कहा कि महाराजा बलभद्र सिंह ने स्वतंत्रता आदोलन की जो अलख जगाई थी उसकी यादें आज भी लोगों को जहानी में ताजा हैं। उनकी वीरता आज भी अमर है। इस दौरान डॉक्टर अंग्रेज सिंह, सिद्धू, दिनेश, बीपी सिंह, तुलसी राम, ननकुन, शिव गोविंद सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस नेता विनय सिंह की अगुवाई में टिकोरा मोड को शहीद बलभद्र सिंह चौक घोषित करने तथा उनकी प्रतिमा लगाने के साथ साथ बहराइच सीतापुर मार्ग को चहलारी नरेश बलभद्र सिंह मार्ग घोषित करने हेतु उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लेकर टिकोरा मोड से सबलापुर तक बलभद्र सिंह नमन यात्रा निकालकर कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक विस्नु यादव के प्रतिष्ठान पर पौधरोपण करके कार्यक्रम का समापन किया। कांग्रेस नेता विनय सिंह ने कहा कि कि अमर शहीद महाराजा बलभद्र सिंह जी का जन्म 10जून1840 को बहराइच जिले के मुरौव्वा गांव में हुआ था। उनकी एक मात्र लाड़ली लक्ष्मी कुवंरि थी जिनकी पौत्र वधू लल्ली सिंह ने 1971मे महाराजा बलभद्र सिंह के नाम से उनकी स्मृति में मकान बनवाया था। उन्होंने बताया कि महाराजा बलभद्र सिंह की शादी अल्पायु में ही सीतापुर जिले के विसवां तहसील के किठौरा गांव के मान्धाता सिंह की पुत्री कल्याणी सिंह के साथ हुआ था। उन्होंने बेगम हजरत महल को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए अंग्रेजी से लोहा लिया था और अपने शौर्य पराक्रम का परिचय देते हुए हर हाल में बेगम हजरत महल की रक्षा की तथा तमाम अंग्रेजी हुकूमत के सैनिकों और शासको को मौत के घाट उतार दिया और स्वयं लड़ते हुए शहीद हो गए थे। जिला मुख्य संगठक विस्नु यादव ने कहा राजपूताना शौर्य माह के अन्तर्गत चल रहे कार्यक्रम का समापन आगामी 13जून को शहीद बलभद्र सिंह के बलिदान दिवस पर चहलारी घाट पर किया जायेगा। इस अवसर पर मूलचंद, अफजल, दीपेन्द्र सिंह, अवधराज पासवान, अजय कुमार सिंह, स्वदेश कुमार सिंह एडवोकेट, ध्रुव राज सिंह, मंशाराम तिवारी सहित कई लोगों ने अपने अपने बक्तब्य में शहीद बलभद्र सिंह जी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर व्याख्यान दिया।
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