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10 संवेदनशील गांवों में लगाई जागरूकता चौपाल

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मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को एसडीएम ने संभाली कमान : 10 संवेदनशील गांवों में लगाई जागरूकता चौपाल

Kunwar Diwakar Singh

Tue, Aug 11, 2026

बहराइच। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देशों के क्रम में तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम को लेकर एसडीएम मिहींपुरवा मोनालिसा जौहरी के नेतृत्व में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत विगत वर्ष मानव-वन्यजीव संघर्ष की सर्वाधिक घटनाओं से प्रभावित रहे 10 संवेदनशील राजस्व ग्रामों में मानव-वन्यजीव जनजागरूकता चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियों एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। अभियान के अंतर्गत बिशुनापुर, सुजौली, चफरिया, रमपुरवा, आंबा, बर्दिया, मटेही, कारीकोट, चहलवा एवं हंसुलिया में चौपाल आयोजित की गई। चौपाल में राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की गयी। कतर्नियाघाट वन क्षेत्र से लगे इन गांवों में पाए जाने वाले टाइगर, तेंदुआ, भेड़िया एवं हाथी जैसे वन्यजीवों के अचानक सामने आने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में ग्रामीणों को बताया गया। साथ ही वन्यजीवों के पदचिह्नों की पहचान के संबंध में भी जानकारी दी गई, ताकि ग्रामीण खेतों एवं जंगल के आसपास ताजा पदचिह्न देखकर वन्यजीव की मौजूदगी का समय रहते अंदाजा लगा सकें और आवश्यक सतर्कता बरत सकें। चौपाल के दौरान क्षेत्रीय लेखपाल, ग्राम प्रधान, कोटेदार, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गांव के संभ्रांत लोग मौजूद रहे। प्रशासन एवं वन विभाग की संयुक्त पहल से ग्रामीणों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर जागरूकता एवं सतर्कता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

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