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अपग्रेडेशन के बाद भी तत्काल यूजर्स को दगा दे रही रेलवे की साइट : तत्काल बुकिंग के समय पांच मिनट तक साइट दे रही जवाब

Kunwar Diwakar Singh

Sun, Jul 19, 2026

तत्काल का लोड खत्म होते ही साइट हो जाती है नार्मल

बहराइच। तत्काल टिकट को लेकर रेलवे की साइट आज भी लोगों को दगा दे रही है। रेलवे चाहे जितने दावे करे पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आलम यह है कि आज भी आम लोगों से रेलवे का तत्काल टिकट दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। तत्काल यूर्जस का लोड रेलवे की साइट आज भी झेलने में नाकाम साबित हो रही है। रेलवे भले ही 15 जुलाई से साइट अपग्रेडेशन का दावा करे पर तत्काल बुकिग लोगों को धोखा ही दे रही है। पर यही टिकट एजेन्ट व दलाल अधिक पैसे लेकर लोगों को आराम से उपलब्ध करा दे रहे है। यदि आपकों अर्जेन्ट में कही जाना है और आप रेलवे का तत्काल टिकट स्वयं से करने की सोंच रहे है तो शायद ही आपकी किस्मत हो तो तत्काल टिकट मिल जाये। कभी पैसे कट जा रहे है तो टिकट ही नहीं मिल पा रहा है तो कही साइट गोल-गोल घूमती ही रहती है या वीआर इक्सपीरीयसिंग हाई लोड लिखकर आ रहा है। शहर के बंजारी मोड़ निवासी एक सज्जन को उज्जैन जाना था उन्होंने अपने मित्र से एक तत्काल टिकट करने के लिए बोला। बड़ी मुश्किल से जब साइट खुली तो सुबह एसी के बुकिंग टाइम सुबह 10 बजे से 10ः05 तक कई बार वीआर इक्सपीरीयसिंग हाई लोड लिखकर आता रहा। तो कभी साइट घूम-घूमकर चलती रही। जैसे तत्काल की सारी सीटे फुल हो गई। पांच मिनट बाद साइट नार्मल रूप से काम करने लगी। तब उन्होंने सोंचा चलो एसी में न सही स्लीपर में 11 बजे टिकट कर लेते है। जैसे ही 11 बजे स्लीपर बुकिंग खुली उन्होंने बुकिंग करनी शुरू किया उनके साथ फिर वही कहानी शुरू हो गई। वीआर इक्सपीरीयसिंग हाई लोड लिखकर आता रहा। या पेज गोल-गोल घूमता रहा। आलम यह रहा कि स्लीपर का भी टिकट बुक नहीं हो सका। सारी सीटे फुल हो गई। डिटेल में नाट एवीलेबिल लिख कर आता रहा। इस संबंध में यूजर्स द्वारा आईआरसीटीसी से भी शिकायत की गई पर कोई ठोस जवाब नहीं मिल सका। एप अपग्रेड व बेहतर नेटवर्क न होने की समस्या कह कर आईआरसीटीसी भी पल्ला झाड लेती है। यह समस्या रेलवे की बेवसाइट, विभाग द्वारा बनाये गए रेल वन एप तथा आईआरसीटीसी के एप सभी पर बनी हुई है। वैसे तो बीते दिनों कुछ छात्रों की मांग पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा रेलवे की नई साइट बनाने का निर्देश आईआरसीटीसी को दिया गया था। जिसके बाद 15 जुलाई से दावा किया जा रहा है कि साइट अपडेट हो गई है व एक मिनट में डेढ़ लाख टिकट करने में सक्षम है। भले ही यात्रियों को अनावश्यक कैप्चा का झंझट खत्म कर दिया गया हो साइट को अपग्रेड करने का दावा किया जा रहा हो पर आज भी तत्काल टिकट को लेकर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आम लोगों की पहुंच से आज भी तत्काल टिकट दूर है। इस संबंध में जब रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी सुमित कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि तत्काल के समय यूजर्स अधिक हो जाने के कारण समस्या आ रही होगी। आईआरसीटीसी की बेवसाइट को अपग्रेड किया गया है। लोग अपना रिव्यू उस पर दे सकते है। साइट में आगामी दिनों मंे अभी और सुधार किये जायेगे। जिससे लोगों को तत्काल टिकट बुकिंग में समस्या न हो।

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