स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि मनाई गई : सेनानी उत्तराधिकारियों ने भारतीय सभ्यता का परचम लहराने के लिए उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की
Kunwar Diwakar Singh
Sat, Jul 4, 2026
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में युग पुरुष नौजवानों के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि मनाई गई। सेनानी उत्तराधिकारियों ने देश की संस्कृति के उत्थान और पूरी दुनिया में भारतीय सभ्यता का परचम लहराने के लिए उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनके जन्मदिन को भारत में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं, उनका सबसे महत्वपूर्ण संदेश था ‘उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए‘ वे मानते थे कि स्वयं पर विश्वास करना ही सच्ची सफलता की कुंजी है। अधिवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि नरेन्द्र नाथ दत्त से स्वामी विवेकानंद बनने तक की यात्रा कौतूहल और आश्चर्य से भरी हुई है। कार्यक्रम में समाजसेवी एवं अधिवक्ता विनय तिवारी, रामरूप मिश्र, शिवम् सिंह, निजामुद्दीन सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।
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