शहीद राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती मनाई गई : सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके देश के प्रति समर्पण और क्रांतिकारियों का सफल नेतृत्व करने के लिए सराहा
Kunwar Diwakar Singh
Thu, Jun 11, 2026
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में देश की आजादी के महान क्रांतिकारी शहीद राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती मनाई गई। सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके देश के प्रति समर्पण और क्रांतिकारियों का सफल नेतृत्व करने के लिए सराहा। अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन राज्य इकाई के कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल कलम और पिस्तौल दोनों के धनी थे, उनकी कविताओं में देशप्रेम कूट-कूट कर भरा रहता था। फांसी से ठीक पहले जेल में लिखी गई उनकी आत्मकथा जो बाद में काकोरी षडयंत्र शीर्षक से प्रकाशित हुई। जिला इकाई बहराइच/श्रावस्ती संगठन के संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद में हुआ था। उनके पिता का नाम मुरलीधर और माता का नाम मूलमती देवी था। कार्यक्रम में बहराइच संगठन अध्यक्ष कर्मवीर सिंह एडवोकेट, उपाध्यक्ष विशेश्वर नाथ अवस्थी, अनिल कुमार उपाध्याय, रामदीन गौतम, गिरीशचंद्र मिश्र, गायत्री दत्त मिश्र, जाहिर अली, अब्दुल रहमान, परमजीत, दोस्त मोहम्मद, शिवनारायण, यदुनाथ प्रसाद यादव, फूलमती देवी, रवीन्द्र कुमार सिंह, बाबूलाल वर्मा सहित तमाम सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।
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