मानव वन्य जीव संघर्ष पर प्रभावी अंकुश के लिए जनजागरूकता मददगार: डीएम : अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
Kunwar Diwakar Singh
Mon, Jun 1, 2026
बहराइच। मानव वन्य जीव संघर्ष पर प्रभावी अंकुश के लिए जनपद स्तर पर गठित अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने विषय की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए निर्देश दिया कि उप जिलाधिकारी महसी व कैसरगंज को निर्देश दिया कि वन्य जीव प्रभावित क्षेत्रों में गन्ने के खेतों के निकट रहने वाले ग्रामवासियों के घरों को चिन्हित कर आगामी बैठक से पूर्व प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच को सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डीएम ने सभी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिया कि हिंसक वन्य जीवों के हमलों की संभावना वाले क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को गन्ने की खेती के स्थान पर दूसरी खेती करने के लिए प्रेरित किया जाय। डीएम ने कहा कि इसके लिए सम्बन्धित किसानों को आवश्यकतानुसार तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाये जिससे उन्हें दूसरी फसल उगाने में किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान न होने पाये। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान डीएम श्री त्रिपाठी ने सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों को हिंसक वन्यजीव के हमलों से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें से सम्बन्धित जानकारी प्रदान की जाय। विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर घर के जिम्मेदार लोगों को अनिवार्य रूप से जागरूक करें कि छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाय। डीएम ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी अंकुश के लिए जनजागरूकता बहुत ज़रूरी है। प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच सुंदरेशा द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि वन विभाग द्वारा 12 वर्ष से नीचे के बच्चों का सर्वे कराया जा रहा है जिससे संबंधित डाटा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य विश्व प्रकृति निधि (डब्लू.डब्लू.एफ.) एवं टी.एस.ए. का सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, उप जिलाधिकारी नानपारा अमिता यादव, मिहींपुरवा के राम दयाल तथा उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मो. शकील, जिला गन्ना अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ल मौजूद रहे। जबकि एसडीएम महसी व कैसरगंज द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया गया।
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