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बहराइच में जलवायु-स्मार्ट कृषि को मिलेगा बढ़ावा

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डीएसआर तकनीक से धान की खेती में अभिनव पहल : बहराइच में जलवायु-स्मार्ट कृषि को मिलेगा बढ़ावा

Kunwar Diwakar Singh

Mon, Jul 27, 2026

बहराइच। उत्तर प्रदेश कृषि विविधीकरण सहायता परियोजना (यूपी डॉस) द्वारा संचालित यूपी एैग्रीज परियोजना के अंतर्गत जलवायु-सहिष्णु (क्लाइमेट रेजिलिएंट) कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद बहराइच के तेजवापुर एवं फखरपुर विकास खंडों में डायरेक्ट सीडेड राइस (डी.एस.आर.) तकनीक के माध्यम से धान की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस तकनीक के प्रचार-प्रसार एवं किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु विभिन्न गांवों में फील्ड लेवल डेमोंस्ट्रेशन (एफ.एल.डी.) स्थापित किए गए हैं। इसी क्रम में खमेरिया शुक्ल, गजपतिपुर, रामगांव तथा टेड़वा बसंतपुर गांवों में स्थापित प्रदर्शनों का निरीक्षण एवं किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आई.आर.आर.आई.) के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. आर. के. मलिक, एसोसिएट साइंटिस्ट डॉ. धीरज तिवारी, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर डॉ. विपिन कुमार, परियोजना वैज्ञानिक डॉ. विपिन कुमार शर्मा तथा जूनियर रिसर्च टेक्नीशियन राघवेंद्र ने किसानों के खेतों का भ्रमण किया और खेती से संबंधित तकनीकी सुझाव प्रदान किए। किसानों को संबोधित करते हुए डॉ. आर. के. मलिक ने बताया कि डीएसआर तकनीक की सफलता में खरपतवार प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सलाह दी कि समय पर एवं अनुशंसित मात्रा में खरपतवारनाशी (हर्बीसाईड) का प्रयोग किया जाए। इसके साथ ही संतुलित उर्वरक प्रबंधन, उचित बीज दर, समय पर सिंचाई तथा फसल की नियमित निगरानी अपनाने से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक रोपाई विधि की तुलना में कम पानी, कम श्रम तथा कम लागत में धान उत्पादन का प्रभावी विकल्प है। यह तकनीक जल संरक्षण के साथ-साथ खेती की लाभप्रदता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

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