भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी के नए नियमों से बढ़ीं परेशानियां : व्यापारियों ने जताई चिंता, सीमा पर आवागमन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए
Kunwar Diwakar Singh
Mon, Jun 1, 2026
रूपईडीहा, बहराइच। भारत-नेपाल सीमा स्थित रूपईडीहा एसएसबी चेक पोस्ट पर लागू किए गए नए सुरक्षा नियमों के कारण सीमा पार आवागमन करने वाले लोगों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पहले सीमा पार करने के लिए केवल पहचान पत्र (आईडी) दिखाना पर्याप्त होता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यात्रियों को अपनी आईडी कैमरे के सामने प्रदर्शित करने के साथ-साथ चेहरे का सत्यापन भी कराना पड़ रहा है। इसके अलावा नेपाल आने-जाने वाले दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की भी विस्तृत जांच की जा रही है तथा वाहन संबंधी दस्तावेजों की जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। इस प्रक्रिया के कारण पहले जहां लोग मात्र पांच मिनट में चेक पोस्ट पार कर लेते थे, वहीं अब उन्हें 20 से 25 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पहले ही नेपाल सरकार द्वारा भारतीय सामान नेपाल ले जाने पर 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम शुल्क लगाए जाने के निर्णय से रूपईडीहा का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब सीमा पर बढ़ी सख्ती के कारण बचा-खुचा व्यापार भी प्रभावित होने लगा है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल रूपईडीहा के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल उर्फ डब्बू भैया तथा उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष शैलेश जायसवाल ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा एजेंसियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, लेकिन अनावश्यक रूप से लोगों को परेशान कर आवागमन बाधित करना उचित नहीं है। जबकि नेपाल के अन्य सीमाओं पर इस तरह की चेकिंग व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि बढ़ती जटिलताओं के कारण नेपाली ग्राहक अब रूपईडीहा बाजार में खरीदारी करने आने से कतराने लगे हैं। व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि एक समय रूपईडीहा बाजार में करोड़ों रुपये का कारोबार होता था, जिससे सरकार को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में व्यापार समाप्ति की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एसएसबी चेक पोस्ट पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। व्यापारियों ने केंद्र सरकार तथा संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए सीमा पर आवागमन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और रूपईडीहा का व्यापार पुनः सुचारू रूप से संचालित हो सके।
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