शहीद भगत सिंह भारत के ओजस्वी क्रांतिकारी और विचारकों में से एक थे : शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्म दिन मनाया गया
Kunwar Diwakar Singh
Mon, Sep 28, 2026
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में सोमवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्म दिन मनाया गया। सेनानी उत्तराधिकारियों ने भगतसिंह को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी इतिहास का गौरव मुकुट बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन जिला इकाई बहराइच/श्रावस्ती के संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि शहीद भगतसिंह भारत के सबसे महान और ओजस्वी क्रांतिकारी और विचारकों में से एक थे। जिन्होंने देश की आजादी के लिए 23 वर्ष की छोटी आयु में अपने प्राणों की आहुति दी। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि लाला लाजपतराय की मौत का बदला लेने के लिए उन्होंने ब्रिटिश अधिकारी सांडर्स का वध किया, 08 अप्रैल 1929 को बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर उन्होंने असेम्बली में खाली जगह पर बम फेंका। संगठन के जिला महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया ने कहा कि भगतसिंह ने जलियांवाला बाग की खून से सनी मिट्टी लाकर देश सेवा करने की कसम खाई थी। कार्यक्रम में दिनेश चन्द्र मिश्र एडवोकेट, संगठन के संयुक्त महामंत्री आदित्य भान सिंह, अवनींद्र पाण्डेय, बिन्दुसेन, विनय तिवारी, संगठन उपाध्यक्ष विशेश्वरनाथ अवस्थी सहित तमाम सेनानी उत्तराधिकारी उपस्थित रहे।
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