‘वारिस पंजाब दे‘ संगठन का तीसरा सक्रिय सदस्य गिरफ्तार : नकदी समेत कई दस्तावेज बरामद
Kunwar Diwakar Singh
Sat, Jul 25, 2026
फर्जी दस्तावेजों के जरिए अमेरिकी नागरिक की घुसपैठ कराने का आरोप
रूपईडीहा, बहराइच। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रूपईडीहा पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे‘ के एक और सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस ने संगठन से जुड़े तीसरे आरोपी जोगा सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर अमेरिकी नागरिक समेत अन्य लोगों को स्थानीय सहयोगियों की मदद से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने की साजिश में शामिल था। उसके कब्जे से 31 हजार नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच और पूछताछ के दौरान जोगा सिंह की भूमिका सामने आई। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सीमांत इंटर कॉलेज मोड़ रूपईडीहा के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से नंदपुर सोनावाल, लुधियाना (पंजाब) का निवासी है और वर्तमान में जनपद पीलीभीत में रह रहा था। पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में पंजाब के चर्चित अजनाला कांड के बाद उसने संगठन प्रमुख अमृतपाल सिंह को फरारी के दौरान शरण दी थी। इसी मामले में उसके विरुद्ध पंजाब में आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा उसने संगठन के सदस्य विक्रमजीत सिंह को नेपाल भेजने में भी सहयोग किया था तथा 23 जुलाई को फर्जी दस्तावेज तैयार कर अमेरिकी नागरिक को बिना वैध वीजा भारत में प्रवेश कराने की योजना में शामिल था।
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