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सिर्फ 40 सेकंड की सावधानी, नवजात के लिए सुरक्षा कवच

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हाथों की स्वच्छता से आ सकती है 44 फीसदी नवजात मृत्यु में कमी : सिर्फ 40 सेकंड की सावधानी, नवजात के लिए सुरक्षा कवच

Kunwar Diwakar Singh

Sun, Jul 5, 2026

बहराइच। मानसून की दस्तक के साथ जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान पूरी रफ्तार पर है। साफ-सफाई और मच्छरों के खात्मे के साथ ही स्वास्थ्य विभाग यहां शून्य लागत वाले एक बेहद प्रभावी लाइफ-सेविंग फॉर्मूले को बढ़ावा दे रहा है। यह फॉर्मूला है हाथों की स्वच्छता। चिकित्सकों के अनुसार सिर्फ 40 सेकंड तक साबुन-पानी से हाथ धोना नवजात को जानलेवा संक्रमणों से सबसे बड़ी सुरक्षा दे सकता है। एसएनसीयू इंचार्ज व नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. असद अली के अनुसार कोरोना काल की तरह ही नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए भी बार-बार हाथ धोना सबसे बड़ा हथियार है। ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि जन्म के शुरुआती 28 दिन सबसे नाजुक होते हैं और इस दौरान शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है। नोडल संचारी रोग डॉ. आर.एन. वर्मा के अनुसार, खेत, बाजार या बाहर से लौटे लोग जब बिना हाथ धोए बच्चे को छूते हैं, तो उनके हाथों के कीटाणु नवजात तक पहुंच जाते हैं। अनजाने में किया गया यही स्नेह संक्रमण का कारण बनता है। डब्ल्यूएचओ और विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, नवजात को छूने से पहले साबुन-पानी से हाथ धोने की आदत शिशु मृत्यु दर में 40 से 44 प्रतिशत तक कमी ला सकती है। नोडल संचारी रोग डॉ. आर.एन. वर्मा के अनुसार, नवजातों के लिए जानलेवा साबित होने वाले सेप्सिस (खून के संक्रमण) के खिलाफ भी यह स्वच्छता सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि 31 जुलाई तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है। हमारी आशा और एएनएम कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवारों को जागरूक कर रही हैं।

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