डीएम की सख्ती, डिजिटल उपस्थिति कम मिलने पर 05 बीईओ से मांगा स्पष्टीकरण : फखरपुर व तेजवापुर के बीईओ का वेतन रोका गया, प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश
Kunwar Diwakar Singh
Thu, Oct 8, 2026
बहराइच। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सितंबर 2026 में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की डिजिटल उपस्थिति की ब्लॉकवार समीक्षा में तेजवापुर, फखरपुर, बलहा, पयागपुर एवं जरवल में उपस्थिति बेहद कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित पांचों खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। साथ ही फखरपुर एवं तेजवापुर के बीईओ का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने तथा प्रतिकूल प्रविष्टि से दंडित करने के निर्देश दिए। बैठक में डायट प्राचार्य की अनुपस्थिति का भी जिलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम नहीं होनी चाहिए। कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को चिन्हित कर अधिकारी संबंधित गांवों का भ्रमण करें और अभिभावकों से संवाद कर बच्चों की कम उपस्थिति के कारणों का समाधान कराएं। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, मिड-डे-मील एवं अन्य व्यवस्थाओं की नियमित जांच करने तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों सहित सभी परिषदीय विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू एवं मानक के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्तर पर उनके उत्पीड़न की शिकायत न आने देने को कहा। निपुण शिक्षा मिशन के तहत प्रेरणा, दीक्षा, रीड-ए-लॉन्ग एवं समर्थ एप पर सूचनाएं समय से अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए। वहीं विद्यालय परिसरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों की समीक्षा में बताया गया कि 180 में से 141 विद्यालयों को हाईटेंशन लाइन से मुक्त कराया जा चुका है, जबकि 39 विद्यालयों का कार्य शेष है। जिलाधिकारी ने अवशेष कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। सभी प्रकार के आवासीय एवं अनावासीय विद्यालयों के निर्माण कार्यों की समीक्षा कर निर्धारित अवधि में पूर्ण करने की निर्देश दिए गए। बैठक में खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि निरीक्षण के दौरान शिक्षक व छात्र-छात्राओं से भी संवाद कर उनसे गणित, अग्रेंजी, बेसिक सवाल भी पूछा जाय। गुणवत्ता जांच हेतु नोडल अधिकारी और तकनीकी दल गठित कर जांच के भी निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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