संरक्षित गोवंशों के लिए हरे चारे का हो माकूल बन्दोबस्तः डीएम : बैठक से अनुपस्थित रहने पर ए.एम.ए. जिला पंचायत का वेतन बाधित
Kunwar Diwakar Singh
Mon, Oct 12, 2026
बहराइच। जनपद में संचालित अस्थायी गो आश्रय स्थलों एवं बृहद् गो संरक्षण केंद्रों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय गौसंरक्षण, अनुश्रवण, मूल्याकंन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत की अनुपस्थिति का कड़ा संज्ञान लेते हुए डीएम ने सम्बन्धित का एक दिन का वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिये हैं। कांजी हाउस में संरक्षित गोवंशों को नजदीकी गोआश्रय स्थलों में स्थानान्तरित कराते हुए कांजी हाउस को बन्द कराये जाने के सम्बन्ध में भी ए.एम.ए. जिला पंचायत से कारण सहित लिखित आख्या प्राप्त करने के निर्देश दिए। जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 93 अस्थाई, 09 वृहद गो संरक्षण केन्द्र में कुल 25065 तथा शहरी क्षेत्र में 04 अस्थाई, 01 वृहद, 02 कान्हा तथा 08 कांजी हाउस में कुल 1537 गोवंश संरक्षित हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी संरक्षित गोवंशों को भूसा, चारा, चोकर, चूनी, पशुआहार के साथ-साथ मानक के अनुसार हरा चारा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाय। हरा चारे की उपलब्धता की समीक्षा करने पर पाया गया कि 08 ब्लाकों में किसानों से अनुबन्ध की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इस स्थिति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि तत्काल अनुबंध की कार्यवाही पूर्ण कर हारे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाय। संरक्षित गोवंशों के भरण पोषण भुगतान की समीक्षा में यह पाये जाने पर कि माह सितम्बर हेतु शासन की अभी तक डिमाण्ड नहीं भेजी गई है। इस स्थिति पर डीएम ने सीवीओ के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि तत्काल शासन को डिमाण्ड प्रेषित कराएं। डीएम ने जनपद में अवस्थित समस्त गोआश्रय स्थलों को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित कर उन्हें क्रियाशील करते हुए विकास भवन स्थित जिला कमाण्ड सेन्टर से लिंक्ड कर प्रभावी ढंग से मॉनीटरिंग की जाय। डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया प्रत्येक दिन गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण हो। सभी खण्ड विकास अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह में 02 से 03 दिवस गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण करें। पशु चिकित्साधिकारी नियमित रूप से गो आश्रय स्थलों का भ्रमण कर संरक्षित गोवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं। बैठक का संचालन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे जबकि खण्ड विकास अधिकारी व पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा बैठक में वर्चुअली प्रतिभाग किया गया।
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