: परिवहन निगम के नये फरमान से यात्री हलकान
Mon, Oct 30, 2023
बस निरस्त होने के चलते परेशान रहते है यात्री
लखीमपुर जाने वाली एक मात्र बस भी कर दी गई निरस्त
बहराइच। परिवहन निगम का नया फरमान यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। बस स्टेशन पर यदि वे अपने गनतव्य को जाने के लिए किसी बस में बैठे है और उसमें निगम के मानक अनुरूप यात्रियों की संख्या न हुई तो बस को निरस्त कर दिया जाता है। यात्रियों को भटकने के लिए छोड़ दिया जाता है। मामला सोमवार सुबह का है। जहां बहराइच से परिवहन निगम की एक मात्र बस सेवा बहराइच से लखीमपुर के लिए प्रातः 7ः30 बजे चलती है। सोमवार का समय 7 बजे का था। 20 से 25 की संख्या में यात्री बैठे हुए थे। 7ः30 बजने का इंतजार कर रहे थे। समय बीत जाने के बावजूद भी जब बस नहीं चली तो यात्रियों को उत्सुकता हुई। 7ः50 के आसपास कुछ बस चालको व परिचालकों द्वारा बताया गया कि बस नहीं जायेगी निरस्त कर दी गई है। बस नम्बर यूपी 40 टी 9008 जाने के लिए तैयार खड़ी थी। यात्री बस से उतरने लगे तभी कुछ अन्य परिचालकों द्वारा बताया गया कि एक बस गोला डिपो की खड़ी है उसमें बैठ लो। दरअसल यह गोला डिपो की बस नियमित न होकर पेट अभ्यर्थियों को बहराइच छोड़ने आयी थी। जिसके बाद चालक व परिचालक द्वारा रात्रि विश्राम किया गया। जिसके चलते यात्रियों को दूसरी बस तो मिल गई पर दूसरी बस न होने की स्थिति में वे प्राइवेट बस स्टैण्ड की तरफ भागते है। मामले में एआरएम प्रेम कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उस बस का लोड फैक्टर 40 प्रतिशत से ज्यादा नहींे रहता है। किसी तरह उस बस का संचालन किया जा रहा है। परिचालक द्वारा भी गडबडियां की जा रही है। जिसके लिए परिचालक को चेतावनी दे दी गई है। एमडी का आदेश है कि यदि लोड फैक्टर पूरा नहीं होता है तो एआरएम के वेतन से कटौती कर ली जायेगी। फिलहाल इस सेवा का विकल्प तलाशा जा रहा है। इस बस को आगामी दिनों में बहराइच से लखीमपुर न चलाकर पलिया तक चलाया जायेगा।
: तैनाती स्थल पर निवास करें चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ: डीएम
Sat, Oct 28, 2023
बहराइच। जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की मासिक समीक्षा हेतु शुक्रवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी मोनिका रानी ने निर्देश दिया कि सभी विभाग विशेषकर स्वास्थ्य विभाग क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती स्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए नियमित रूप से वीडियो कालिंग कर स्थिति का जायजा लेते रहें। सीएमओ को निर्देश दिया गया कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल स्टाफ तैनाती स्थल पर निवास कर लोगों को सरकार द्वारा अनुमन्य सभी सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध करायें। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि आकस्मिक वीडियो कालिंग के दौरान तैनाती स्थल पर उपस्थित न मिलने वाले कार्मिकों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर सम्बन्धित के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जाय। हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों के संचालन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ। सेन्टरों के विद्युतीकरण के साथ-साथ लॉजिस्टिक की उपलब्धता भी सुनिश्चित करा दी गई है। कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्य की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि रोगियों के चिन्हांकन के लिए अभियान संचालित किया जाय। राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा में चश्मा वितरण कार्य की प्रगति संतोषजनक न पाये जाने पर डीएम ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम द्वारा सरकारी विद्यालयों में बच्चों की जांच के दौरान ज़रूरतमन्द बच्चों को चश्मे का वितरण किया गया। सीएमओ को निर्देश दिया गया कि वे व्यक्तिगत रूप से अपने स्तर पर इस कार्य की समीक्षा करते रहें। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षय रोग की जांच करायी जाय। इस कार्य की श्रीगणेश मेडिकल कालेज, कलेक्ट्रेट एवं विकास भवन से किया जाय। नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए न्यू बार्न स्टेबलाईज़ेशन यूनिट की स्थापना के सम्बन्ध में बताया कि जिल के सात सामुदायिक केन्द्र एन.बी.एस.यू. से आच्छादित कर दिये गये हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी नवजात शिशुओं की पोर्टल पर फीडिंग अनिवार्य रूप से करायी जाय। आयुष्मान भारत की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मानकों को पूर्ण करने वाले निजी चिकित्सालयों को इनपैनल्ड करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही की जाय। डीएम मोनिका रानी ने यह भी निर्देश दिया कि पूर्व से इनपैनल्ड चिकित्सालयों द्वारा योजना के तहत किये गये उपचार का विवरण भी उपलब्ध करायें। बैठक के दौरान डीएम ने अन्य बिन्दुओं की भी समीक्षा करते हुए सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। आंगनबाड़ी केन्द्रों में हॉटकुक योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानक के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर योजना को क्रियान्वित किया जाय। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रम्या आर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एस.के. सिंह, डीपीओ राज कपूर, सीएमएस डॉ. एम.एम.एम. पाण्डेय, डीपीएम सरजू खान, सीवीओ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी, डीसीपीएम मो. राशिद सहित बाल विकास परियोजना अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी तथा अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे। जबकि खण्ड विकास अधिकारी व नगर निकाय के अधिशासी अधिकारियों द्वारा बैठक में वर्चुअली प्रतिभाग किया गया।
: सीएम डैशबोर्ड पर डाटा फीडिंग को अद्यतन रखा जाय: डीएम
Sat, Oct 28, 2023
बहराइच। सीएम डैशबोर्ड पर माह के अन्त में विभागीय प्रगति की फीडिंग को सही ढंग से कराये जाने के उद्देश्य से शुक्रवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी मोनिका रानी ने वैकल्पिक ऊर्जा, विद्युत, आबकारी, उद्योग, खाद्य एवं रसद, खादी ग्रामोद्योग, श्रम, स्वास्थ्य, जल निगम, पंचायती राज, लोक निर्माण, ग्राम्य विकास, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, महिला कल्याण, पशुपालन एवं कृषि इत्यादि विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि विभागीय प्रगति का अंकन जिम्मेदार अधिकारियों के माध्यम से कराई जाय ताकि अंकन में किसी प्रकार त्रुटि परिलक्षित न होने पाये। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक दशा में सीएम डैशबोर्ड पर आंकड़ों को अद्यतन रखा जाय ताकि जिले की रैंक प्रभावित न होने पाये। आईजीआरएस सन्दर्भों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये गये कि प्राप्त सन्दर्भों का समय से निस्तारण किया जाय। कोई भी सन्दर्भ डिफाल्टर की श्रेणी में न जाने पाये। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि प्रकरणों का निस्तारण इस प्रकार से करायें कि असंतुष्ट की स्थिति न्यून से न्यूनतम रहे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी रम्या आर, सीएमओ डॉ एस.के. सिंह, डीडीओ महेन्द्र कुमार पाण्डेय, एलडीएम जितेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, सीवीओ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी, डीडी एग्री टी.पी. शाही सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।