: एसपी ने किया हुजूरपुर थानाध्यक्ष को निलम्बित
Wed, Jun 19, 2024
बहराइच। कार्यों में लापरवाही बरतने के चलते पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला द्वारा हुजूरपुर थानाध्यक्ष दिलीप शुक्ला को निलम्बित कर दिया गया है। उनके विरूद्ध तमाम तरह की शिकायतें मिल रही थी तथा वसूली के आडियों भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। जिसके बाद थानाध्यक्ष दिलीप कुमार शुक्ला को एसपी ने निलम्बित कर दिया। थानाध्यक्ष के निलम्बन के चलते अन्य थाना प्रभारियों में हडकम्प की स्थिति है।
: वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस मनाया गया
Tue, Jun 18, 2024
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में देश भक्तों ने 1857 की जंग में उनके देश के प्रति समर्पण और वीरता की चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि उनके बहादुर घोड़े का नाम बादल था, जो उनकी शहादत तक दुश्मनों से लड़ता रहा। अंग्रेजों की हड़पो नीति के कारण ही झांसी की लड़ाई हुई थी। रानी लक्ष्मीबाई ने सात दिन तक वीरता पूर्वक झांसी की सुरक्षा की और अपनी छोटी सी सशस्त्र सेना से अंग्रेजों का बड़ी बहादुरी से मुकाबला किया। वें अकेले ही अपनी पीठ पर बेटे दामोदर राव को बांध कर अंग्रेजों से युद्ध करती रहीं। संगठन संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि अमर शहीद लक्ष्मीबाई मराठा शासित झांसी राज्य की रानी थी और सत्तावनीं क्रांति की नेतृत्व कर्ता के रूप में मात्र 29 वर्ष की आयु में अंग्रेज साम्राज्य की सेना से भीषण युद्ध किया और वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका उपनाम मनु रखा गया था। जबकि उनके माता-पिता उन्हें मणिकर्णिका कहकर पुकारते थे। समाजसेवी अधिवक्ता राम रूप मिश्र ने कहा कि ग्वालियर स्थित निर्मोही अखाड़े के समीप गंगा दास के मठ में लक्ष्मीबाई ने अपनी अंतिम सांस ली। इसी स्थान पर आज उनका स्मारक है और उनके नाम से लक्ष्मीबाई कालोनी भी बसी है। रानी लक्ष्मीबाई और नबाब अलीबहादुर द्वितीय का रिश्ता भाई बहन का था। लक्ष्मीबाई उन्हें राखी बांधती थी और इसी कारण वह 1858 की जंग में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ा। अन्त में सेनानी उत्तराधिकारियों ने कहा कि सम्पूर्ण स्वतंत्रता संग्राम में लक्ष्मीबाई का दम खम ही था कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद हिन्द फौज की एक बटालियन का नाम रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड रखा। कार्यक्रम में पवन शर्मा, राजेश वोट, रोहित कुमार चौधरी, दिनेश मिश्र, अश्विनी पाण्डेय सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।
: पारले कंपनी किसानों को अनुदान पर दे रही पावर वीडर व स्प्रे मशीन
Sat, Jun 15, 2024
फखरपुर, बहराइच। पारले कंपनी अपने किसानों को पावर वीडर एवं स्प्रे मशीन अनुदान पर उपलब्ध करा रही है। किसानो के यहां पावर वीडर मशीन के डेमो भी कराये जा रहे है। इस मशीन के द्वारा गन्ने की फसल में जुताई, मिट्टी चढाने का कार्य बहुत प्रभावी तरीके से कम खर्च में हो जाता है इसलिए अधिक से अधिक किसान इस मशीन का उपयोग करें और अधिकतर किसानों के पास पावर वीडर होना चाहिए। जिससे फसल में खरपतवार नियंत्रण प्रभावी ढंग से हो सके। खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा मिले इसके लिए पारले निरंतर कार्य किसानो के बीच में कर रही है। जिससे प्रति एकड़ उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके और किसान की लागत कम हो। इस समय कंपनी पावर वीडर, स्प्रे मशीन 500 ली. एवं 1000 ली. अनुदान पर दे रही है। अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठाये। यह सीमित समय के लिए है। अनेको ग्रामो जैसे-शिवराजपुर, रामापुर किंधौली, टिन्गाई, नकोडा, मोकला, रामपुर, गाजीपुर, ज्ञानपुर, पदमपिछौरा, शाहपुर, बुबकापुर ,खोजकीपुर, बिरहिमडीहा, चंदनापुर, विलाशपुर में डेमो कराये गए। जिससे किसान देख ले और समझ ले तभी ले। डेमो के समय पारले कंपनी के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी मोके पर उपस्थित रहे और किसानो को पावर वीडर मशीन और स्प्रे मशीन की उपयोगिता के बारे में किसानो को विस्तृत रूप में समझाया। उन्होंने स्प्रे मशीन को भी किसानों के लिए जरूरी बताया। क्योंकि आने वाला समय तरल उर्वरक का है इसलिए स्प्रे मशीन भी अधिकतर किसानों के पास होना जरूरी है। जिससे किसान सभी प्रकार के उर्वरक एवं दवा फसल पर कम समय में स्प्रे कर सके। डेमो के समय काफी किसान और पारले के अन्य अधिकारी सूबेदार, अमरेंद्र, प्रवेश, रुचिन, शक्ति, अखंड, अमर उपस्थित रहे।