: शेखदहीर-माधवरेती मार्ग के जर्जर हालत की सीएम पोर्टल पर शिकायत
Wed, Sep 11, 2024
दयनीय हालत में पहुंच गया है विकास भवन शेखदहीर मार्ग
जिम्मेदारियों अधिकारियों के आंखों पर पड़ा पर्दा
बहराइच। विकास भवन से शेखदहीर मार्ग की जर्जर हालत को देखते हुए स्थानीय लोगों द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई है। शिकायत में जल्द से जल्द मार्ग के मरम्मत की मांग की गई है। स्थानीय निवासी कुंवर प्रभाकर सिंह द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर जल्द से जल्द सड़क मरम्मत की मांग की गई है। सड़क पर भीषण गड्ढ़े हो गए है तथा घुटनों तक जलभराव बना हुआ है। ज्ञातव्य हो कि शहर के डीएम आवास के बगल से माधवरेती शेखदहीर मार्ग गुजरता है। जो कि कई गांवों का मुख्य सम्पर्क मार्ग है। प्रतिदिन इस पर हजारों लोगों का आवागमन रहता है। बच्चे स्कूल जाते है पर सड़क की हालत इस तरह दयनीय हो गई है कि इस पर चलना दूभर हो गया है। लोग प्रतिदिन गिरकर चोटिल हो रहे है। बावजूद इसके न तो प्रशासनिक अधिकारियों और न ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस सड़क की दयनीय हालत पर तरस आता है। विभागीय अधिकारियों की हीला हवाली से पिछले एक वर्ष से सड़क की मरम्मत नही हो सकी है। जिस पर कुछ क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर सड़क मरम्मत की मांग की थी। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा मामले को संज्ञान मे लेते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था पर मामला ढाक के तीन पात ही रहा। न तो सडक की मरम्मत हो पायी और न ही किसी अधिकारी ने उसको संज्ञान ही लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण शुरू न हुआ तो कलेक्टेट पर धरना-प्रदर्शन किया जायेगा। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि लोगों को बेहतर सड़के मुहैया करायी जाये। बावजूद इसके शहर के डीएम आवास से कई गांवों को जोड़ने वाला शेखदहीर के मुख्य मार्ग की हालत दयनीय है।
: रिक्त राशन की दुकानों के चयन की प्रकिया करें शीघ्र पूर्ण: डीएम
Wed, Sep 11, 2024
बहराइच। खाद एवं रसद विभाग की योजनाओं की समीक्षा हेतु मंगलवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान राशन की रिक्त दुकानों, निलम्बित दुकानों, राशन कार्ड सत्यापन, सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था, माडल शाप, उज्जवला योजना इत्यादि की समीक्षा करती हुई जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जिला पूर्ति अधिकारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। राशन की रिक्त दुकानों की समीक्षा के दौरान खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि यथाशीघ्र समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर नियमानुसार राशन की दुकानों के चयन की प्रकिया पूर्ण की जाय। जिन ग्राम पंचायतों में दुकानों के चयन करने में किसी प्रकार की समस्या हो वहां पर एसडीएम व पुलिस का भी सहयोग लिया जाय। समूहों को आवंटित की जाने वाली राशन दुकानों के मामले में विधिवत जांच पड़ताल के उपरान्त नियमानुसार चयन किया जाय। निलम्बित राशन दुकानों के सम्बंध में उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये कि नियमानुसार कार्रवाही करते हुए निलम्बन के प्रकरणों का यथाशीघ्र निस्तारण किया जाय। राशन कार्ड के सत्यापन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विगत कई माहों से खाद्यान्न प्राप्त न करने वाले कार्डधारकों की सूची तैयार कर उनका सत्यापन करा लिया जाय। सत्यापन में अपात्र पाये जाने पर सम्बन्धित कार्डधारकों का नाम सूची से हटा दिया जाय। नये बनाये गये राशन कार्डाे की सूची तैयार कर एसडीएम, बीडीओ, अधि. अधि. नगर निकायों के माध्यम से सत्यापन करा लिया जाय। सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नये रूटचार्ट का एसडीएम सत्यापन कर आख्या उपलब्ध कराये। उज्जवला योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा डीएसओ को निर्देश दिये गये कि गैस एजेन्सियों से लाभार्थियों की सूची प्राप्त कर आधार फीडिंग का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कराये ताकि लाभार्थियों को सब्सिडी योजना का लाभ प्राप्त हो सके। डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि खाद्यान्न वितरण कार्य के लिए नामित नोडल अधिकारियों से प्रत्येक माह सत्यापन आख्या प्राप्त की जाय। डीएम ने एसडीएम को यह भी निर्देश दिया कि सत्यापन कार्य के लिए नामित नोडल अधिकारियों के साथ प्रत्येक माह बैठक भी करें। बैठक के दौरान आधार फीडिंग/सीडिंग की समीक्षा, ई-के.वाई.सी. की समीक्षा, आई.जी.आर.एस. पर प्राप्त संदर्भों के निस्तारण, उचित दर विक्रेताओं में लाभांश के भुगतान, प्रवर्तन कार्य, उच्च न्यायालय में योजित वादों में शपथ-पत्र दाखिल किये जाने इत्यादि से सम्बन्धित कार्यों की समीक्षा कर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। बैठक का संचालन जिला पूर्ति अधिकारी नरेन्द्र तिवारी ने किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव, एसडीएम सदर राकेश कुमार मौर्य, पयागपुर के दिनेश कुमार, ईओ नगर पालिका बहराइच प्रमिता सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: सरकार की मंशा है कि सभी पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे
Wed, Sep 11, 2024
महिला कल्याण मंत्री ने विभाग के मण्डलीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
महिलाओं को जागरूक करें ताकि हिंसक जीव के हमलों में जनहानि को नगण्य किया जा सके
बहराइच। प्रदेश की मंत्री, महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने विकास भवन सभागार में देवीपाटन मण्डल के विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु विभागीय अधिकारी अपने सुझावों से भी अवगत करा सकते हैं। श्रीमती मौर्य ने कहा कि सरकार की मंशा है कि सभी पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। तहसील महसी अन्तर्गत मानव वन्यजीव संघर्ष की समस्या के दृष्टिगत मंत्री ने ग्रामस्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुझाव दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं को जागरूक करें ताकि हिंसक जीव के हमलों में जनहानि को नगण्य किया जा सके। मण्डीय समीक्षा बैठक के दौरान देवीपाटन मण्डल के उप निदेशक महिला कल्याण एन.बी. सिंह ने बताया कि पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना के तहत 173486 महिलाओं को पेंशन का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बिल जनरेटेड आवेदनों की संख्या 85501 है। जबकि उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) अन्तर्गत 355 तथा उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत 2207 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है। स्पांसरशिप योजना के तहत 539 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। उप निदेशक श्री सिंह ने बताया कि वन स्टाप सेंटर के माध्यम से 635 लोगों को परामर्श सेवा, 07 को निःशुल्क लीगल एड, 536 को आश्रय, 453 को चिकित्सा सुविधा तथा 256 लोगों को अन्य सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। श्री सिंह ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) पर 334 कालें प्राप्त हुईं है तथा माह अप्रैल से अगस्त 2024 तक 138 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी उप निदेशक मनोज कुमार मौर्या ने बताया कि कुल 9377 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। जबकि मण्डल में 106 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उप निदेशक ने बताया कि प्रथम चरण अन्तर्गत 44 केन्द्रों कों 18 मूल भूत सुविधाओं से आच्छादित किया जा रहा है तथा द्वितीय चरण में 305 केन्द्रों का कार्य प्रगति पर है। उप निदेशक ने बताया कि बेसिक शिक्षा एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित ईसीसीई (शाला पूर्व शिक्षा) निपुण भारत लक्ष्य अन्तर्गत 5-6 वर्ष के बच्चों का नामांकन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री मौर्य ने बताया कि मण्डल में कुल 1176087 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष सैम बच्चों की संख्या 15857, मैम बच्चों की संख्या 49587 तथा एनआरसी में भर्ती बच्चों की संख्या 331 है। उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों का नियमित स्वास्थ्य जांच कर दवाएं, दोगुना अनुपूरक पुष्टाहार राशन, आंगनबाड़ी, आशा व एएनएम द्वारा गृह भ्रमण के साथ ही अभिभावकों को जागरूक भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बैठक से पूर्व मंत्री श्रीमती मौर्य द्वारा 05 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा 05 बच्चों को अन्नप्रासन कराया तथा आगा खां फाउण्डेशन के सौजन्य से 11 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो को ईसीसीई किट का वितरण किया गया। बैठक के उपरान्त मंत्री ने विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों को उपलब्ध करायी जाने वाली किट का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी बहराइच राज कपूर, श्रावस्ती के पी.के. दास, बलरामपुर की सुश्री निहारिका सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी गोण्डा संतोष कुमार सोनी, श्रावस्ती के सुबोध कुमार सिंह, बलरामपुर के सुशील कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।