: डीआईजी ने लिया सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा
Sat, Oct 26, 2024
रुपईडीहा थाने के शस्त्रागार, लाकअप, मालखाना व कार्यालय के अभिलेखों को किया चेक
थाने की साफ-सफाई के दिए निर्देश
लम्बित विवेचनाओं को समय व गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित करने के दिए निर्देश
बहराइच। डीआईजी देवीपाटन रेंज गोण्डा अमरेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा आगामी त्यौहारों को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत थाना रुपईडीहा जनपद बहराइच के इंडो नेपाल बार्डर पर संदिग्ध गतिविधियों, तस्करी पर प्रभावी रोकथाम हेतु सीमावर्ती क्षेत्रों के पुलिस बल के साथ नियमित रुप से संयुक्त काम्बिंग, पेट्रोलिंग एवं चेकिंग करने के सम्बन्ध में एसएसबी, व्यापार मंडल व अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। रुपईडीहा बाजार क्षेत्र में पैदल गस्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। तत्पश्चात पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा रुपईडीहा थाने के शस्त्रागार, लाकअप, मालखाना, थाना कार्यालय के अभिलेखों को चेक किया गया। थाने की साफ-सफाई के निर्देश दिये गये। थाना पर संचालित महिला हेल्प डेस्क पर ड्यूटीरत महिला पुलिसकर्मियो से उनके कार्यों के बारे में जानकारी ली गयी तथा थाने पर शिकायतो को लेकर आने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं की समस्याओं को सुनकर उनकी हर संभव मदद करने के निर्देश दिये गये। शासन की मंशा के अनुरुप मिशन शक्ति अभियान के सफल क्रियान्वन हेतु महिला पुलिसकर्मियों की बीट क्षेत्र में प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु बीट क्षेत्रों में महिलाओं को तैनाती के निर्देश दिये गये तथा उनके कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिये गये। महिलाओं द्वारा अपने अपने बीट क्षेत्र में जाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में, अपराधों के रोकथाम एवं योजनाओं का लाभ दिलाने में उनकी मदद करेंगी। डीआईजी द्वारा थाने पर पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में प्रभावी पैदल गस्त करने, समय से रात्रि गस्त में जाने तथा लम्बित विवेचनाओं को समय व गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिये गये। थाना स्तर पर प्राप्त होने वाले जमीन सम्बन्धी शिकायती प्रार्थना पत्रों की समय में जाँच कराकर उनमें त्वरित व गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर सभी सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
: कार की आमने सामने भिड़न्त, चालक समेत पांच शिक्षिकाएं घायल
Sat, Oct 26, 2024
जरवलरोड, बहराइच। स्कूल जा रही शिक्षिकाओं से भरी अर्टिगा कार सामने से आ रही एक अन्य कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज हुई कि शिक्षिकाओं से भरी अर्टिगा कार सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गई। जिससे ड्राइवर समेत पांच शिक्षिकाएं घायल हो गई हैं। एक अध्यापिका की हालत गंभीर होने पर सीएचसी से मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया है। वही जानकारी मिलने पर तत्काल बीएसए ने सीएचसी पहुंचकर सभी अध्यापिकाओं का हाल-चाल जाना है। शनिवार सुबह लखनऊ से अर्टिगा कार के द्वारा जरवल के उच्च माध्यमिक विद्यालय तपेसिपाह में तैनात अध्यापिका समसा कमर 38, प्राथमिक विद्यालय घाघरा घाट में तैनात अध्यापिका सीमा तिवारी 39 व तूलिका श्रीवास्तव 36, उच्च माध्यमिक विद्यालय अटवा में तैनात अंजलि श्रीवास्तव 37 व प्राथमिक विद्यालय झुकिया में तैनात अध्यापिका अमृता टोडरिया 36 व कार ड्राइवर भारत कुमार पाण्डेय 52 के साथ जरवलरोड क्षेत्र में अपने-अपने स्कूल की तरफ आ रही थी। तभी जरवलरोड थाना क्षेत्र में घाघरा घाट रेलवे स्टेशन के करीब बहराइच की तरफ से आ रही एक अन्य कार से टक्कर हो गई। जिससे शिक्षिकाओं से भरी अर्टिगा कार पलटते हुए सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गई। जिससे ड्राइवर समेत पांचों शिक्षिकाएं घायल हो गई हैं। सूचना पर तत्काल उप निरीक्षक अमित गौड़, हेड कांस्टेबल धीरेंद्र यादव, कांस्टेबल सारांश ने मौके पर पहुंच कर प्राथमिक विद्यालय घाघरा घाट के प्रधानाध्यापक सुरेश सरोज के सहयोग से सभी घायलों को निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्तफाबाद में भर्ती कराया। सीएचसी मुस्तफाबाद से शिक्षिका समसा कमर की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज बहराइच रेफर किया गया। जबकि अन्य सभी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। वहीं क्षेत्र भ्रमण पर निकले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने घटना की सूचना मिलते ही सीएचसी मुस्तफाबाद पहुंच कर सभी घायल अध्यापिकाओं का हाल-चाल जाना।
: जयती पर याद किए गए गणेश शंकर विद्यार्थी
Sat, Oct 26, 2024
स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की 134वीं जयंती मनाई गई
सेनानी उत्तराधिकारियों ने देश की आजादी के आंदोलन में विद्यार्थी के योगदान की चर्चा
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में महान स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की 134वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सेनानी उत्तराधिकारियों ने देश की आजादी के आंदोलन में उनके व्यापक योगदान की चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने प्रताप के माध्यम से ब्रिटिश सरकार द्वारा शोषण और अन्याय के खिलाफ उठाई। उन्होंने पीड़ित किसानों, मिल मजदूरों और दलित गरीबों की पीड़ा को उजागर किया। विद्यार्थी जी ताउम्र अपनी लेखनी के जरिए लोगों को धार्मिक उन्माद के प्रति जागरूक करते रहे। स्वतंत्रता सेनानी भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव द्वारा भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के दो दिन बाद 25 मार्च 1931 को कानपुर में दंगाई भीड़ द्वारा गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या कर दी गई। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं संगठन संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने बताया कि विद्यार्थी जी का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने अपना कैरियर क्लर्क और शिक्षक के रूप में शुरू किया। लेकिन जल्द ही वह पत्रकारिता से जुड़े। विद्यार्थी जी ने अपने तीन साथी शिव नारायण मिश्र, नारायण प्रसाद अरोड़ा और यशोदानंदन के साथ मिलकर 9 नवम्बर 1913 को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में प्रताप समाचारपत्र की नींव डाली थी। प्रारम्भिक समय से ही प्रताप का दफ्तर क्रांतिकारियों की शरण स्थली था। समाज सेवी पवन सिंह ने कहा कि 41 वर्ष की उम्र में दंगा रोकने के दौरान उनकी हत्या ने देश में हिन्दू मुस्लिम एकता को झकझोर कर रख दिया। उनकी मौत पर गांधी जी ने कहा था कि काश ऐसी मौत मुझे नसीब होती। अन्त में सेनानी उत्तराधिकारियों ने दंगा शान्त कराने के प्रयासों में अपने जीवन की आहूति देने वाले गणेश शंकर विद्यार्थी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम समाप्त किया। कार्यक्रम में संगठन के महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया, उपाध्यक्ष विशेश्वर नाथ अवस्थी, रवि जायसवाल, संगठन के अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ मुकेश श्रीवास्तव, सूफियान एडवोकेट सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।