: 7 किलो 300 ग्राम चरस के साथ युवक गिरफ्तार
Admin
Mon, Jun 12, 2023
पकड़ी गई चरस की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रूपये
रुपईडीहा, बहराइच। थाना रुपईडीहा पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम ने नेपाल बार्डर पर एक युवक को 7 किलो 300 ग्राम चरस के साथ रविवार शाम लगभग 5ः45 बजे गिरफ्तार किया है। उक्त जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक श्रीधर पाठक ने बताया कि एसआई कृष्ण कुमार सिंह, हे. का.विजय शंकर सिंह, का.अंकुर यादव, का.सत्यव्रत चौरसिया के साथ 42वी वाहिनी रुपईडीहा बीओपी के एएसआई जयंत कुमार दास, हे. का. मोनुज गोगोई, जगदीश सिंह, विजय गोस्वामी व एन वाई कुंडालू बार्डर के पिलर संख्या 621/15 के पास लगभग 2 सौ मीटर पचपकरी गांव जाने वाले कच्चे रास्ते पर गस्त कर रहे थे। तभी नेपाल की ओर से एक युवक पिट्ठू बैग लादे तेजी से नेपाल की ओर से आता दिखाई दिया। इस दल ने रोककर इसकी तलाशी ली। बैग में उक्त चरस बरामद हुई। थाने लाकर इसे तौला गया तो यह 7 किलो 300 ग्राम चरस निकली। चरस की अंतर्राष्ट्रीय कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी गयी है। अभियुक्त की पहचान रक्षाराम पुत्र सुरजलाल निवासी भटपुरवा निधिनगर संकल्पा थाना रुपईडीहा के रूप में हुई है। युवक के विरुद्ध एनडीपीएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया गया है। यह बार्डर मादक पदार्थों का हब बन चुका है। नेपाल से अफीम व चरस तथा भारतीय क्षेत्र से स्मैक व नशीली दवाईयां नेपाल में तस्करी हो रही है। यदा कदा एसएसबी व स्थानीय पुलिस मात्र कैरियर्स को पकड़ कर व कानूनी कार्यवाही कर अपना कर्तव्य निभाती रहती है। कभी पुलिस कभी एसएसबी कैरियर्स को पकड़ती है। दोनो सुरक्षा बल इस बरामदगी में शामिल हो जाते हैं। बरामदगी की खबर वायरल कर दी जाती है। मीडिया इसी वायरल को प्रकाशित करता रहता है। पकड़े गए कैरियर्स को मीडिया के सामने कभी नही लाया जाता। न ही कोई सुरक्षा बल कैरियर्स से पूछता है कि ये मादकपदार्थ कहाँ से लाये हो और किसने दिया है। इसके पूर्व स्थानीय सुरक्षा बलों के हेड मीडिया कर्मियों को बुलाते थे। मीडिया कर्मी कैरियर्स से पूछताछ करते थे। तब खुलासा होता था कि इन कैरियर्स का प्रयोग कौन कर रहा है। इस इंडो नेपाल बार्डर पर थोक स्मैक का कारोबार करने वाले ऐश कर रहे हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय रुपईडीहा नगर पंचायत में एसएसबी की गुप्तचर शाखा, पुलिस, प्रांतीय व केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकारी व कर्मचारी तैनात हैं। परंतु आज तक कोई बड़ा मादकपदार्थों का कारोबारी नही पकड़ा गया। अब तो महिलाओं व बच्चो तक से मादकपदार्थों की तस्करी कराई जा रही है। आने को स्वयंसेवी संस्थाएं भी नशे के संबंध में कार्यशालाएं आयोजित करती रहती हैं। नशा उन्मूलन के संबंध में बताया भी जाता है। परंतु जबतक रुपईडीहा नगर के मोहल्लों में सूत्र नही बनाये जाएंगे तब तक यह कारोबार बंद नही होगा।
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