: महराजगंज में ढर्रे पर जिन्दगी लौटने का इंतजार
Admin
Thu, Oct 17, 2024
बहराइच। जनपद के महसी विधानसभा के महराजगंज कस्बे में बीते रविवार सायं मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव व गोली काण्ड के बाद थाना रामगांव के रेहुवा मंसूर निवासी राम गोपाल मिश्रा की मौत के बाद जिले में ढर्रें पर जनजीवन लौटने लगा है। बहराइच शहर में तो पूरी तरीके से जनजीवन सामान्य है। सभी दुकाने खुली है। लोग अपने कामों में लगे हुए है। ठेले व खोमचे वाले अपनी दुकानदारी में व्यस्त है। जबकि महराजगंज कस्बे व आसपास के गांवों में अभी भी लोग पटरी पर जनजीवन लौटने के इंतजार में है। महराजगंज में अभी भी दुकानें बंद है। पुलिस का कड़ा पहरा है। भारी संख्या में पुलिस बल महराजगंज बाजार में तैनात है। लोगों के आने जाने पर भी पुलिस का कड़ा पहरा है। एहतियात के तौर पर पुलिस अब सुरक्षा में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखना चाहती है। ज्ञातव्य हो कि बीते रविवार को हुए बवाल के बाद जिले के हालात तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि शहर में तो स्थिति सामान्य थी पर महराजगंज व आसपास के गांवों में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। आसपास के गांवों में अभी भी लोग दहशत के साये में जीने को विवश है।
रेहुआ मंसूर के रास्ते पर पुलिस का कड़ा पहरा
बहराइच। थाना रामगांव अन्तर्गत रेहुआ मंसूर गांव में मृतक राम गोपाल मिश्र के घर के आसपास पुलिस द्वारा सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गांव के रास्ते पर भी पुलिस का कड़ा पहरा है। लोगों के आने जाने पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। पुलिस द्वारा बाहरी लोगों को गांव में जोन से रोका जा रहा है। जिससे स्थानीय ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राजनीतिक पार्टी के नेताओं को वहां जाने से मनाही है। रेहुआ मंसूर जाने वाली सड़क पर एक उप निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की डयूटी लगायी है। वहीं गांव में एक बटालियन पीएसी भी सुरक्षा की दृष्टि से लगायी गई है। बैरीकेटिंग भी पुलिस द्वारा कर दी गई है। प्रशासन द्वारा एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
तीन दिन बाद जिले में बहाल हुई इंटरनेट सेवा
बहराइच। महराजगंज में मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव व गोलीकाण्ड के बाद सोमवार से जिले में बंद हुई इंटरनेट सेवा बुधवार रात्रि से बहाल कर दी गई। जिसके चलते लोगों ने राहत की सास ली। इंटरनेट बंद होने से आम लोगों का देश दुनिया से सम्पर्क कट गया था। वहीं इंटरनेट प्रयोग करने वाले आदी लोग डिपरेशन मंे आ गए थे। गुरूवार सुबह जब लोगों ने अपने मोबाइल का नेट आन किया तो उन्हें इंटरनेट सेवा बहाल मिली। जिससे लोगों ने चैन की सास ली।
रामगोपाल के साथ दरिन्दगी का पुलिस ने किया खण्डन
सोशल मीडिया पर साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की अपील
बहराइच। महराजगंज में गोलीकाण्ड में मृतक राम गोपाल मिश्रा के साथ हुई दरिन्दगी का पुलिस ने खण्डन किया है। उसके नाखून उजाड़ने, करंट लगाने व अन्य दरिन्दगी को मात्र अफवाह बताया है। पुलिस का कहना है कि गोली लगने से उसकी मौत हुई थी। न तो उसे करंट के झटके लगाये गए और न ही तलवार से काटा गया। नाखून भी नहीं नोचे गए। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डा.पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि पीएम रिपोट में राम गोपाल की मौत गोली लगने से होना पाया गया है। उसके साथ दरिन्दगी जैसी कोई घटना नहीं हुई है। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर लोगों से भ्रामक सूचनाएं न प्रसारित करने की अपील करते हुए साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की अपील की गई है। पीएम रिपोट में मृतक राम गोपाल मिश्रा के शरीर में तीन दर्जन के लगभग छर्रे लगने की पुष्टि हुई है। मृतक के कंधों के नीचे भी गोली मारी गई है। मौत का कारण ब्रेन हैमरेज व अधिक रक्त स्राव होना बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक आंखों के ऊपर चोट के निशान पाये गए है। मृतक के शरीर में पिटाई के चलते कई अन्य जगहों पर भी चोट के निशान है।
अब्दुल की बेटी रूखसार का वीडियो वायरल, कहा एसटीएफ कर सकती है इनकाउन्टर
बहराइच। महराजगंज हिंसा के आरोपी अब्दुल की बेटी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह कह रही है कि एसटीएफ उसके पिता, पति, देवर का एनकाउन्टर कर सकती है। हालाकि वीडियों की पुष्टि डेली न्यूज नहीं करता है। वीडियों में वह कह रही है कि उसके पति, देवर, भाई व पिता को एसटीएफ उठा ले गई है। जिनका कोई पता नहीं चल रहा है। एसटीएफ द्वारा उन लोगों का कभी भी एनकाउन्टर किया जा सकता है। उसने मुख्यमंत्री व पीएम से इस पर रोक लगाने की मांग की है। अब्दुल की बेटी रूखसार उर्फ सालिया द्वारा एक मुस्लिम के ट्वीटर एकाउन्ट से ट्वीट करवाया गया है। जो कि वायरल हो रहा है। वायरल वीडियों में वह रोती हुई दिखाई दे रही है। ज्ञातव्य हो कि बीते 14 अक्टूबर को बवाल के बाद एसटीएफ द्वारा उसके पति ओसामा, देवर शाहिद को उठा लिया गया था। जिसके बाद बुधवार को एसटीएफ ने उसके पिता व भाईयों को अपने साथ लेकर चली गई थी।
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