: स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान पर की चर्चा
Admin
Sun, Sep 1, 2024
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को सुबह दस बजे दस मिनट अपने पूर्वजों स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों के सम्मान तथा उनके उत्तराधिकारियों के अस्तित्व की रक्षा हेतु श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि कार्यक्रम के तहत रविवार को महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित जगत नारायण दूबे के चित्र पर सेनानी उत्तराधिकारियों ने माल्यार्पण किया और उनके द्वारा देश के स्वतंत्रता संग्राम में किए गए योगदान की चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि पंडित जगत नारायण दूबे का जन्म जनपद श्रावस्ती के थाना सोनवां के अन्तर्गत ग्राम केशवापुर पजावा में हुआ था। जब 1930 में महात्मा गांधी जी ने बहराइच का दौरा किया उस समय दूबे जी कांग्रेस एवं पंडित भगवान दीन मिश्र वैद्य के प्रमुख कार्यकर्ता बने और खुरूहरी मण्डल के मंत्री बनाए गए। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के इशारे पर रियासतदारों और तालुकेदारों द्वारा स्थानीय किसानों और मजदूरों को तरह तरह से परेशान किए जाने पर उसके विरुद्ध संघर्ष किया और इसकी सूचना प्रान्तीय कांग्रेस तक पहुंचाई जिसके फलस्वरूप 06 अक्टूबर 1931 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सोनवां का दौरा किया जिससे दूबे जी का मनोबल बढ़ा और उन्हें सत्याग्रह समिति के प्रमुख का दायित्व दिया गया। पंडित जगत नारायण दूबे जी के नाती एवं संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि स्व श्री दूबे जी 16.04.1941 को भिनगा में व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन करते हुए गिरफ्तार किए गए और धारा 38/5 डी आई आर के अन्तर्गत दो माह की कैद और 25/- रूपए जुर्माना किया गया। जुर्माना न अदा करने पर छः सप्ताह की कठोर कैद की सजा हुई थी, और जिला कारागार बहराइच भेजा गया। पूरी सजा भोगकर 16.06.1941 को जेल से रिहा हुए। 1942 में पूज्य बापू महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया और सत्याग्रही सेनानियों को करो या मरो का मूल मंत्र दिया। दिनांक 10.08.1942 को धारा 129/126 भादवि के अन्तर्गत लामियाद नजरबंद जिला कारागार बहराइच में किए गए, और दिनांक 21.05.1943 को सरकारी आदेश पर रिहा हुए। संगठन महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया ने कहा कि आजादी के बाद पंडित भगवान दीन मिश्र वैद्य, ठाकुर हुकुम सिंह, और सरदार जोगेंद्र सिंह के दिशा निर्देश में जिले के सर्वांगीण विकास में लग गए और विकास क्षेत्र गिलौला और सोनवां थाना के अन्तर्गत अनेकों जनहित के कार्य किए। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी के द्वारा उन्हें ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया गया और केन्द्रीय एवं राज्य सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन योजना से सम्मानित किया। 14 फरवरी 2001 में वो साकेतवासी हुए। अन्त में सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके द्वारा सम्पादित कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कार्यक्रम समाप्त किया गया। कार्यक्रम में संगठन के महामंत्री आदित्य भान सिंह, राम राज सिंह, गायत्री दत्त मिश्र, फूलमती देवी, तुलसी राम मौर्या, शिव नारायण, जाहिर अली, अब्दुल रहमान, दोस्त मोहम्मद, ननकु, जगत राम आर्य, मुरली पाण्डेय, अंगनु राम सहित तमाम सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।
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