: गन्ने की पेड़ी-पौधा फसल में समय पर प्रबंधन करने से बढ़ेगा उत्पादन
Admin
Thu, May 23, 2024
जुताई, गुड़ाई, उर्वरको का प्रयोग, सिचाई, कीट रोगो का नियंत्रण जरूरी
फखरपुर, बहराइच। किसान अपनी गन्ना फसल पेड़ी-पौध पर बराबर ध्यान दे। यह समय फसल की बढ़वार और कल्लो के विकास का है। लगातार जुताई-गुड़ाई करने से खरपतवार नियंत्रण, कल्लो का विकास, नमी का संचयन, कीड़े, बीमारी का नियंत्रण पूर्ण रूप से हो जाता है। सिचाई करते रहे। यूरिया का प्रयोग सिंचाई के बाद जरूर करें। साथ ही साथ यदि फसल में किसी प्रकार का कोई कीट रोग दिखाई दे तो अपने सम्बंधित गन्ना अधिकारियों से संपर्क करें। गन्ना किसानो का लक्ष्य प्रति एकड़ कम से कम 500 कुंतल जरूर हो। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके। यह संभव है जिसे किसान आसानी से प्राप्त कर सकते है। यदि फसल में सभी क्रियाएं समय पर हो जाये। इस सभी बातो की चर्चा पारले कंपनी के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने सिंदरखी, सिंदरखा, नकोडा, खैरा बाजार, चंदनापुर, दाहोरा ग्रामो में सर्वे चेकिंग के दौरान उपस्थित किसानों को कही। इसके अलावा किसानों से यह भी कहा कि गन्ना सर्वे कार्य जारी है सर्वेक्षण के समय अपने खेतो पर रहे। जिससे आगामी पेराई सत्र में गन्ना आपूर्ति करने में कोई दिक्कत ना आये। नए सदस्य जिनके पास गन्ना है समिति सदस्य 30 सितम्बर से पहले जरूर बन जाए। क्षेत्र भ्रमण के दौरान पारले के अन्य अधिकारी सूबेदार, रुचिन, अखंड मौजूद रहे।
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