चेयरमैन पति की जमानत याचिका खारिज : चेयरमैन पति ने कस्बा स्थित सरकारी जलमग्न भूमि को आबादी की जमीन बताकर बेंच दिया
Kunwar Diwakar Singh
Mon, Jul 7, 2025
जरवलरोड, बहराइच। जरवल नगर पंचायत के मोहल्ला अहमदशाह नगर निवासी आयशा पुत्री वारिस अली ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय पर वाद दायर कहा था कि नगर पंचायत कार्यालय के कर-मुहर्रिर बृजेश यादव, चेयरमैन तस्लीम बानो, चेयरमैन पति इन्तिजार अहमद उर्फ मिथुन ने कस्बा स्थित सरकारी जलमग्न भूमि के गाटा सं.-589/0.004 को आबादी की जमीन बताकर उसको बेंच दिया। उसने मकान खरीदते समय ज्यादा छानबीन नहीं की। कुछ दिन बाद तहसीलदार कैसरगंज ने मकान गिराने का नोटिस चस्पा कर दिया और घर को बुलडोजर लगाकर धराशायी कर दिया। महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि तुमने हमारे साथ जालसाजी किया है हम तुम लोगो पर फ्राड का मुकदमा करेंगे तो काफी नाराज व उत्तेजित हो गये। उसको बहुत भला बुरा कहते हुए कहा कि वह इस कस्बे के चेयरमैन है। सारी सम्पत्ति हमारी है, हम चाहे बैनामा करें या किसी का पट्टा बनावे। उसके बाद में उसका घर लुट जाये या वर्वाद हो जाये। हमारा कुछ नहीं कर सकते। हमारे यहाँ से चली जाओ नहीं तो तुम्हारे व तुम्हारे परिवार के ऊपर इतने मुकदमे लदवा देंगे कि तुम्हारी पूरी जिन्दगी बर्बाद हो जायेगी। कोर्ट के आदेश पर जरवल चेयरमैन तस्लीम बानो, उनके पति इन्तिजार अहमद उर्फ मिथुन और कर मुहर्रिर बृजेश यादव के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2),318(4),338,336(3),340(2),351(3) का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद जरवल नगर पंचायत की अध्यक्षा तस्लीम बानो और उनके पति इन्तिजार अहमद उर्फ मिथुन ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की। न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार ने साक्ष्य अवलोकन और शासकीय अधिवक्ता को सुनने के बाद प्रकरण को गंभीर मानते हुए अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी। अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद से जरवल चेयरमैन और उनके पति पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी थी। धोखाधड़ी मामले इन्तिजार अहमद उर्फ मिथुन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। सत्र न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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