दहेज हत्या के अभियुक्त को 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा : 7,000 के अर्थदण्ड से किया दण्डित
Kunwar Diwakar Singh
Tue, Nov 4, 2025
बहराइच। न्यायालय पीठासीन अधिकारी आनन्द शुक्ला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी) द्वारा दहेज हत्या के दोषी अभियुक्त को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व सात हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। मो. रफी उर्फ गुड्डू द्वारा थाना कैसरगंज पुलिस को सूचना दी कि मेरी बहन श्रीमती फातिमा बेगम करीब उम्र 26 वर्ष की शादी मोनू उर्फ मो. नजीम पुत्र लियाकत अली निवासी एनी हतिन्सी वादेपुर थाना कैसरगंज के साथ करीब 01 वर्ष पहले की गई थी। शादी के बाद से ही मो.रफी उर्फ गुड्डू की बहन को बहनोई व उसके परिवार के लोगों द्वारा दहेज की मांग को लेकर प्रताड़िता किया जा रहा था। 11 सितम्बर 2019 को समय शाम करीब 06.45 बजे भाई मो.रफी उर्फ गुड्डू को सूचना मिली कि उसकी बहन की उसके पति व अन्य ससुरालीजनों द्वारा दहेज के लिए गला दबाकर हत्या कर दी गई है। जिसके सम्बन्ध में थाना कैसरगंज में मोनू उर्फ मो. नजीब पुत्र लियाकत अली व 03 अन्य लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया था। तत्कालीन विवेचक क्षेत्राधिकारी टी.पी. द्विवेदी द्वारा साक्ष्य संकलन, गवाहों की गवाही व विवेचनात्मक कार्यवाही के उपरान्त अभियुक्त मोनू उर्फ मो. नजीब पुत्र लियाकत अली व वन्ने पुत्र लियाकत अली के विरुद्ध अन्तर्गत धारा 304बी, 498ए व=डीपी एक्ट में आरोप-पत्र 01 दिसम्बर 2019 को प्रेषित किया गया तथा न्यायालय द्वारा आरोपों को 19 मार्च 2021 को विरचित किया गया। प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप 04 नवम्बर 2025 को दोषी अभियुक्त मोनू उर्फ मो. नजीब पुत्र लियाकत अली उपरोक्त को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 7,000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड न अदा करने की स्थिति में 01 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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