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बाढ़ की विभिषिका से निपटने के पुख्ता इंतजामः मोनिका रानी : अतीत की बाधाओं से सबक लेकर बनायी रणनीति

Kunwar Diwakar Singh

Sat, Jun 21, 2025

बी.एस.परिहार/कुंवर दिवाकर सिंह

बहराइच। जिले को बाढ़ की विभिषिका से बचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर बाढ़ के पानी की रोकथाम एवं राहत के पुख्ता इंतजाम किये गए है। बाढ़ के रोकथाम की तैयारियों का जिलाधिकारी मोनिका रानी खुद देख-रेख कर रही है। बाढ़ राहत की कमान एवं सेना नायक के रूप में सम्हाले रखा है।

जिलाधिकारी मोनिका रानी बताती है कि कैसरगंज, महसी और नानपारा, मिहींपुरवा बाढ़ के मामले में काफी संवेदनशील है। इन बाढ़ प्रभावित संवेदनशील एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों का जिलें के अन्य वरिष्ठ अधिकारियोंसे निरीक्षण कराया गया और रिपोट प्राप्त करने के बाद जिलाधिकारी मोनिका रानी ने खुद जाकर स्थलीय परीक्षण किया। उनका मानना है कि बाढ़ की विभिषिका से प्रभावित होने वाली आबादी एवं पशुओं को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने पाये। जिलाधिकारी बताती है कि बाढ़ से अधिक प्रभावित होने वाले मजरों पर अधिक चौकसी बरतने के निर्देश दिये गए है।

उन्होंने बताया कि राहत सामग्री जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की रूपरेखा पहले से तैयार की गई है। जिससे कोई भी बाढ़ प्रभावित पीड़ित भूखे पेट न सोए। इसके लिए राहत सामग्री और पशुओं के चारे का टेंडर कर लिया गया है। बाढ़ के पानी से बेघर होने वाले परिवारों को आश्रय देने के लिए बाढ़ शरणालय बनाने के लिए स्थानों को चिन्हित करने के साथ ही अस्थायी तौर पर बाढ़ शरणालय बनाये जाने का भी टेंडर किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि बाढ़ के समय सबसे बड़ी जटिलता उस वक्त पैदा होती है जब बाढ़ के पानी से लोगों का आवास गिर जाता है। लोग अपना आवास छोड़ने को राजी नहीं होते है। शरणालय कैम्प में जाना मुनासिब नहीं समझते है, उनके लिए भी इस बार अधिक मजबूत व्यवस्था की गई है। ऐसे लोगों को उनके आवास पर ही वेड फास्ट, लंच और डिनर पहुंचाने की माकूल व्यवस्था की गई है।

कलेक्टर के मुताबिक अस्थायी शौचालय, पीने के स्वच्छ पानी का इंतजाम किया गया है। बाढ़ पीड़ितों के आवागमन, उन्हें बाढ़ के पानी से निकालने आदि के लिए उपयुक्त व्यवस्था की गई है। इसके लिए नावों का भौतिक सत्यापन कराया जा चुका है। मरम्मत योग्य नावों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। पूर्व में बाढ़ राहत के दौरान आयी बाधाओं और दिक्कतों से निपटने के लिए पहले से ही मुकम्मल व्यवस्था की जा चुकी है। ऐसी किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए बैटरी एवं सोलर चलित पोर्च की व्यवस्था की गई है। जबकि बड़ी नौकाओं, मोटर चलित नौकाओं का टेंडर भी किया जा चुका है।

जिलाधिकारी ने बताया कि सिंचाई विभाग की परियोजनाएं लगभग समाप्त हो चुकी है। मेरे द्वारा इन परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन किया जा चुका है। तटबंधों का मेरे द्वारा तथा मेरे अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा चुका है। बीते 15 दिनों में कटे एवं क्षतिग्रस्त हुए तटबंधों को दुरूस्त कराये जाने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि 500-500 मीटर की दूरी पर एक ग्राम स्तरीय अधिकारी की तैनाती किए जाने के निर्देश दिए गए है। जो तटबंध बीच में कट जाते है या क्षतिग्रस्त हो जाते है उन तटबंधों को दुरूस्त कराने की सख्त हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान कार्य भी बुरी तरह से प्र्रभावित होता है। जिलाधीश मोनिका रानी ने बताया कि सिंचाई विभाग, बाढ़ डेªनेज द्वारा जरूरी राहत सामग्री जुटायी जा चुकी है। एडीएम, सीआरओ, एसडीएम, सिंचाई विभाग के अभियंताओं द्वारा बराबर निगरानी की जा रही है। किसी भी आपातकालीन आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन तैयार है।

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