: याद किए गए स्वतंत्रता सेनानी पं.भगवानदीन वैद्य
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Sun, Apr 7, 2024
सेनानी भवन में आयोजित हुई गोष्ठी
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में पूरे देश में चल रहे स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारियों की तरफ से प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को सुबह दस बजे दस मिनट अपने पूर्वजों स्वतंत्रता सेनानियों/शहीदों को श्रद्धांजलि/पुष्पांजलि अर्पण करने के क्रम में 07 अप्रैल को बहराइच शहर के महान स्वतंत्रता सेनानी एवं बहराइच के गांधी कहे जाने वाले पंडित भगवान दीन मिश्र वैद्य की प्रतिमा पर कार्यक्रम सम्पादित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के संयुक्त अध्यक्ष वेदव्रत श्रीवास्तव ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी वैद्य जी का जन्म 02 अक्टूबर 1893 को बहराइच जिले के ग्राम गंगापुरवा चांदपारा तहसील महसी में चक्रदीन मिश्र के यहां हुआ था। 1930, 1932, 1941 एवं 1942 के स्वतंत्रता आन्दोलन में अविभाजित जनपद बहराइच का कुशल नेतृत्व करते हुए पांच वर्ष की कठोर कारावास की सजा होगी थी। नेहरू जी के बहराइच दौरे पर बहराइच के अग्रिम पंक्ति के सेनानी पंडित भगवान दीन मिश्र वैद्य ने हजारों नागरिकों को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई और अंग्रेजी साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष में जुट गए। संगठन के शहर अध्यक्ष एवं श्रद्धेय वैद्य जी के पौत्र राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया ने कहा कि जेल यात्रा के दौरान अपने एवं अन्य साथी स्वतंत्रता सेनानियों सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की व्यवस्था सुचारू रूप से करते थे। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि पंडित भगवान दीन मिश्र वैद्य जी ने अविभाजित बहराइच को शैक्षिक, सांस्कृतिक आर्थिक एवं सामाजिक स्तर को ऊंचा उठाने का कार्य किया, तत्कालीन बहराइच कांग्रेस त्रयी (भगवान दीन मिश्र वैद्य, ठाकुर हुकुम सिंह, सरदार जोगेंद्र सिंह) के प्रमुख स्तंभ थे। वे 1952-57 तक विधायक 1957-62 तक सांसद, और जिला परिषद बहराइच के तीन बार अध्यक्ष एवं जिला सहकारी बैंक के संस्थापक अध्यक्ष तथा वर्ष 1944 में गांधी इण्टर कालेज की स्थापना भी की। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए शासन-प्रशासन से सहयोग प्राप्त कराने में महती भूमिका निभाई। उनकी मृत्यु 10 दिसम्बर 1972 को हुई थी। कचेहरी रोड स्थित शहीद स्मारक पर जनपद बहराइच के गांधी कहे जाने वाले पंडित भगवान दीन मिश्र वैद्य जी की प्रतिमा स्थापित है। वैद्य जी जीवन पर्यन्त जिले की जनता एवं देश सेवा में लगे रहने के प्रति सद्भावना प्रकट करते हुए उनके सद्विचारों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया। इस अवसर पर श्रीमती फूलमती देवी, बदलूराम गौतम, शिव नारायण, विनोद श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, आदित्यभान सिंह, नैतिक गुप्ता, गायत्री दत्त मिश्र, तुलसीराम, परमा देवी, जाहिर अली, दोस्त मोहम्मद, अब्दुल रहमान, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, राम किशुन, ननकू, अंगनू राम सहित कई सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।
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