: दिल सेहतमंद रहे इसके लिए नियमित व्यायाम जरूरी
Admin
Sun, Sep 29, 2024
गोष्ठी, स्क्रीनिंग कैम्प और हस्ताक्षर अभियान के साथ मनाया गया विश्व हृदय दिवस
थीम-इंपावर इंडिविजुअल टू टेक बेटर केयर ऑफ देयर हार्ट हेल्थ
निबंध लेखन और पोस्टर प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
बहराइच। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रम एनपी एनसीडी के तहत रविवार को विश्व हृदय दिवस मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय समेत जिला चिकित्सालय एवं जनपद के समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर स्क्रीनिंग स्वास्थ्य शिविर, हस्ताक्षर अभियान, जन जागरूकता कार्यक्रम के साथ मनाया गया। इस वर्ष विश्व हृदय दिवस ‘‘इंपावर इंडिविजुअल टू टेक बेटर केयर ऑफ देयर हार्ट हेल्थ‘‘ की थीम पर मनाया गया। विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में शहर के महाराज सिंह इण्टर कालेज में निबंध लेखन और पोस्टर प्रतियागिता का आयोजन भी किया गया। सीएमओ कार्यालय में सीएमओ डा. संजय कुमार ने कार्यक्रम की शुरुआत हस्ताक्षर अभियान से करते हुये कहा कि बिगड़ी दिनचर्या, तनाव, गलत खानपान, प्रदूषण और अन्य कारणों के चलते दिल से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। छोटी उम्र से लेकर बुजुर्गों तक में यह समस्या आम होती जा रही है। दिल को दुरुस्त रखने के लिए सही खानपान, एक्सरसाइज और तनाव को दूर भगाना सबसे जरूरी है। एनसीडी क्लीनिक के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. अंशुमान सिंह श्रीनेत ने सीएमओ कार्यालय सभागार में गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि दिल का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ज्यादातार मौत का कारण हार्ट की समस्याएं ही है। दिल सेहतमंद रहे इसके लिए नियमित व्यायाम करें तनाव कम लें धूम्रपान से दूर रहें अच्छा खाना और संतुलित खाना खाएं अनुशासन की जिंदगी जिये। उनका कहना है कि इलाज से बेहतर बचाव है। अगर आप दिल की बीमारी से ईमानदारी से बचना चाहते हैं तो अभी से अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना शुरु कर दीजिए। एक जगह लगातार छह घंटे तक बैठना हृदय रोग का कारण बन सकता है। यह सिगरेट की डिब्बी पीने के बराबर है। नमक की मात्रा को कम से कम इस्तेमाल करे। अच्छी और भरपूर नींद ले। हृदय रोग पूरे विश्व में एक गंभीर बीमारी है। उचित दिनचर्या और नियमित जांच कराने से हृदय रोगों से बचा जा सकता है। इसके लिए एनसीडी क्लीनिक में समय समय पर निःशुल्क स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन किया जाता है। हमें बॉडी मास इंडेक्स को 18.5 से 24.9 के बीच में रखना है। उन्होंने कहा कि हृदय की बीमारी का इलाज बचाव है और बचाव का सबसे सरल तरीका लाइफ स्टाइल में सही बदलाव है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने हृदय रोगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तनाव दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है। आज की भागदौड़ वाली जीवन शैली में लोगों में तनाव ज्यादा बढ़ गया है इसलिए इस बीमारी से पूरी तरह बचना तो मुश्किल है, लेकिन जहां तक संभव हो इससे दूरी बनाए रखें। तनाव के कारण मस्तिष्क से जो रसायन स्रावित होते हैं वे हृदय की पूरी प्रणाली खराब कर देते हैं। हृदय हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो लगातार पंप करता है और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को संचालित करता है। हृदय संचार प्रणाली के मध्य में होता है और धमनियों और नसों जैसी रक्त वाहिनियां अशुद्ध रक्त को शरीर के हर भाग से हृदय तक ले जाती हैं और शुद्ध रक्त को हृदय से शरीर के हर भाग तक पहुंचाती हैं। इस अवसर पर महाराजा सुहेल देव मेडिकल कॉलेज एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष संख्या 18 में डा. अंशुमान सिंह की अगुवाई में एनसीडी टीम ने एक स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन कर उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग की। शहर के महाराजसिंह इंटर कालेज मे हुई निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता में कुल 42 छात्रों ने प्रतिभाग किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रो को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शील्ड और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित कर प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण पत्र भी दिया। कार्यक्रम में छात्रों और अध्यापको को हृदय रोग से सम्बन्धित रोगो और उनके लक्षणों के बारे में जागरूक किया गया। इस मौके पर एनसीडी सेल से एफएलसी विवेक श्रीवास्तव, डीईओ मोहम्मद हारून, मोहम्मद फहीम, एनसीडी क्लीनिक के फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डा. रियाजुल हक, जिला सलाहकार पुनीत शर्मा, लैब टेक्नीशियन संतोष सिंह, नर्सिंग ऑफिसर बृज प्रकाश, स्वाती श्रीवास्तव, मेंटल हेल्थ कार्यक्रम से इवेल्यूशन ऑफिसर मुकेश हंस, अजय प्रताप सिंह, राज कुमार महतो आदि मौजूद रहे।
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