पीएम आवास योजना में बड़ा घोटाला : पक्के मकान वालों को मिला लाभ, असली गरीब हुए वंचित
Kunwar Diwakar Singh
Tue, Aug 26, 2025
बहराइच। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य बेघर और गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, लेकिन बहराइच जिले में इसका क्रियान्वयन भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गया है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) और नगरपालिका कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने पात्रता की अनदेखी कर ऐसे लोगों को योजना का लाभ दिलाया जिनके पास पहले से पक्के मकान मौजूद हैं। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को शिकायत पत्र भेजकर जांच की मांग की गई है। जिन नामों का उल्लेख है उनमें मीम जहां, कहकशां बेगम, अनीता, मोहम्मद सगीर, पिंकी, मो. जावेद, एकता गोयल, साधना मलिक, शबीह और नाजिया शामिल हैं। आरोप है कि इन सभी ने पहले से बने मकानों को फर्जी जियो-टैगिंग के जरिए ‘कच्चा’ दिखाकर आवास योजना का लाभ उठाया। जिन लोगों को यह लाभ दिया गया है, उनके आवास की जगह दूसरे स्थानों पर पहले से बने मकानों की फोटो टैग कर सरकारी धन की लूट की गई है। शिकायतकर्ताओं समाजसेवी अरविंद वर्मा, रोहिताश्व त्रिपाठी, अमित कुमार आदि का कहना है कि अधिकारियों ने पैसों के लेन-देन और मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया। डूडा के सीएलटीसी कृष्ण मुनि के साथ अन्य अधिकारियों ने लाभार्थियों से डेढ़ से दो लाख रुपये तक की वसूली कर सरकारी धन का गबन कर लिया। वहीं वास्तविक गरीब और बेघर परिवार अब भी योजना से वंचित हैं और कच्चे घरों या किराए के मकानों में जिंदगी गुजार रहे हैं। शिकायत में मांग की गई है कि लाभार्थियों की उच्चस्तरीय जांच हो, अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जाएं और दोषी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इस बारे में डूडा की प्रभारी परियोजना अधिकारी प्रमिता सिंह का कहना है कि जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच कराकर कारवाई की जाएगी।
फाइल जमा करने में भी वसूली
शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि इन लोगों से फाइल जमा कराने और स्वीकृत कराने के नाम पर प्रति व्यक्ति से लगभग दस हजार रुपए तक की वसूली की गई है।
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