जीवन-शैली सुधार कर मधुमेह को करे बाय-बायः सीएमओ : हस्ताक्षर अभियान से हुई कार्यक्रमों की शुरुआत
Kunwar Diwakar Singh
Fri, Nov 14, 2025
बहराइच। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर जनपद में एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत आमजन में जागरूकता हेतु हस्ताक्षर अभियान का आयोजन समस्त स्वास्थ्य इकाई पर करते हुए गोष्ठी का आयोजन किया गया। सीएमओ कार्यालय सभागार कक्ष में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपभोक्ता फोरम के न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती एवं विशिष्ट अतिथि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संचित सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमओ डा. संजय शर्मा ने की। गोष्ठी का संचालन जेरियाट्रिक कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. परितोष तिवारी ने किया। सीएमओ डा. संजय शर्मा ने कहा कि विश्व मधुमेह दिवस को अंतरराष्ट्रीय मधुमेह संघ और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 1991 में शुरू किया गया था। डायबिटीज यानी मधुमेह के विषय में लोगों को जाग्रत एवं शिक्षित करना ही इसका लक्ष्य है। यदि किसी को डायबिटीज की समस्या हो जाती है तो इसे पूरी तरह से ठीक कर पाना असंभव है लेकिन यदि थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इससे होने वाले खतरों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोटे तौर पर कह सकते है कि जीवन-शैली में सुधार लाकर मधुमेह से होने वाले दुष्प्रभावों को बाय-बाय किया जा सकता है। एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा.संदीप मिश्रा ने बताया कि मधुमेह का प्रभाव परिवार में कैसे और किस वजहों से पड़ता है एवं उसके प्रकारो के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इस अवसर पर एनसीडी क्लीनिक में विशाल चिकित्सा शिविर में मधुमेह, उच्च रक्तचाप की जांच कर आईईसी मटेरियल द्वारा मरीजो को जागरूक किया गया। एनसीडी क्लीनिक के डा. अंशुमान सिंह श्रीनेत्र ने कहा कि डायबिटीज एक क्रॉनिक बीमारी है जो तब होती है जब आपके ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे जरियाट्रिक कार्यक्रम के नोडल डा. परितोष तिवारी ने कहा कि मधुमेह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि जीवन के भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को भी प्रभावित करता है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचनाधिकारी बृजेश सिंह ने कहा कि संगठन ने बताया कि हालांकि टाइप-वन मधुमेह को रोका नहीं जा सकता, जबकि टाइप-टू मधुमेह के जोखिम को नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार के माध्यम से कम किया जा सकता है। और उचित दवा तथा जीवनशैली में बदलाव से इसे रोकने में मदद मिल सकती है। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. संतोष राणा, डिप्टी सीएमओ डा.अनुराग वर्मा, मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. विजित जायसवाल, फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डा. रियाजुल हक, जे एसआई संस्था से मनीष त्रिवेदी, डा. अकीब एजाज, जिला सलाहकार पुनीत शर्मा, लैब टेक्निशियन संतोष सिंह, नर्सिंग ऑफिसर बृज प्रकाश व स्वाती श्रीवास्तव, डीईओ मोहम्मद हारून व शरद श्रीवास्तव समेत मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से सीमा कुमारी, अजय कुमार सिंह, हरीश कुमार, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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