यौन अपराध के अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा : 1,60,000 रूपये के अर्थदण्ड से किया गया दण्डित
Kunwar Diwakar Singh
Mon, Sep 29, 2025
बहराइच। न्यायालय पीठासीन अधिकारी दीपकान्त मणि, अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) द्वारा नाबालिग से यौन अपराध के दोषी अभियुक्त को आजीवन करावास की सजा सुनाई व एक लाख साठ हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। वादी मुकदमा द्वारा थाना सुजौली पुलिस को सूचना दी गयी कि वादी की बेटी (पीड़िता) उम्र करीब 06 वर्ष, जो दिनांक 15.06.2025 को करीब 4 बजे अपने घर पर खेल रही थी। जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति उठाकर कहीं लेकर चला गया। गांव के लोगों के साथ बहुत तलाश किया तो उसी रात 11.45 बजे गांव के बाहर गन्ने के खेत के बाहर मिली। बेटी को घर लाकर हाल पूछा तो उसने अपने साथ हुए शारीरिक शोषण के संबंध में आप-बीती बताई। जिसके सम्बन्ध में वादी द्वारा दिनांक 07.07.2025 को दी गई तहरीर के आधार पर थाना सुजौली में मुअसं. 71/2025 धारा 137(2), 65(2), 115(2) बीएनएस व 5(एम)/6 पॉक्सो एक्ट के तहत अज्ञात पंजीकृत किया गया। उल्लेखनीय है कि उक्त घटना के अतिरिक्त थाना सुजौली क्षेत्र में दिनांक 25 जून, 28 जून और 3 जुलाई 2025 को नाबालिक लड़कियाँ गायब हो रही थी और उसी दिन शाम तक बरामद भी हो जा रही थी क्योंकि लड़कियां 5 से 8 साल के बीच की थी इसलिए बहुत कुछ बता नहीं पा रही थीं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा श्रीमती हर्षिता तिवारी के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया। जिसमें स्वॉट/सर्विलांस की टीम भी सम्मिलित थी। महिला अधिकारी होने के कारण क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा ने बहुत ही समझदारी और संवेदनशीलता के साथ बच्चियों से बात की जिससे पता चला कि जो व्यक्ति उन्हें ले जाता है वह उनका शारीरिक शोषण करता है तथा उसका हुलिया सभी लड़कियों ने एक समान बताया। क्षेत्राधिकारी मिहींपुरवा ने इस हुलिया के सभी व्यक्तियों से अपनी टीम के माध्यम से पूछताछ शुरू की। इसी क्रम में मुखबिर की सूचना पर सीताराम पुलिया के पास नहर पट्टी ग्राम बाजपुर बनकटी थाना सुजौली से अभियुक्त अविनाश पाण्डेय उर्फ सिंपल उम्र 30 वर्ष पुत्र ओम प्रकाश पाण्डेय निवासी सुजौली, थाना सुजौली को होलिया के आधार पर पूछताछ के लिए रोका गया किंतु वह पुलिस को देखते ही भागने लगा। पुलिस ने तत्काल उसे आवश्यक बल प्रयोग करके गिरफ्तार किया एवं उससे पूछताछ शुरू की। तो उसने सभी घटनाओं को कारित किया जाना स्वीकार किया। उसके फोन से इन बच्चियों की अश्लील फोटो एवं वीडियो भी पुलिस को प्राप्त हुई जो अभियुक्त घटना कारित करते समय स्वयं बनाता था। इस तरह क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा व उनकी टीम ने टीम गठित होने के मात्र 03 दिन के अन्दर घटना का सफल अनावरण किया था। मुकदमें के विवेचक उ.0नि. शैलेन्द्र कुमार सोनकर द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध अन्तर्गत धारा 137(2), 65(2), 115(2) बीएनएस व 5(एम)/6 पॉक्सो एक्ट में आरोप-पत्र दिनांक 09.08.2025 को प्रेषित किया गया तथा न्यायालय द्वारा आरोपों को दिनांक 22.08.2025 को विरचित किया गया। प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप मात्र 22 कार्य दिवस में दिनांक 29.09.2025 को दोषी अभियुक्त अविनाश पाण्डेय उर्फ सिंपल उपरोक्त को आजीवन कारावास व 1,60,000 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में 10 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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