दहेज हत्या के दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा : 12,000 रूपये के अर्थदण्ड से किया गया दण्डित
Kunwar Diwakar Singh
Thu, Aug 28, 2025
बहराइच। न्यायालय पीठासीन अधिकारी आनन्द शुक्ला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा दहेज हत्या दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा व 12,000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। वादी मुकदमा तुलसीराम निषाद पुत्र बच्चूलाल द्वारा पुलिस को सूचना दी कि वादी के दामाद लवलेश ने 25 जनवरी 24 समय करीब 2 बजेे दूरभाष के जरिय उसे सूचित किया कि वादी की पुत्री अंजली ने फांसी लगा ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 27 जनवरी 24 को गला घोंटकर हत्या करने की बात सामने आई थी। पूर्व में भी दहेज के लिए विपक्षी लवलेश ने वादी की पुत्री को प्रताड़ित किया था। वादी द्वारा उसे समझाया बुझाया गया परन्तु वह नहीं माना और हत्या कर दी। जिसके सम्बन्ध में थाना रामगांव में वादी की लिखित तहरीरी सूचना के आधार पर 27 जनवरी 24 को मुअसं. 26/2024 धारा 302, 498ए, 304बी भा.द.वि. व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत लवलेश पुत्र दुखीराम निवासी फत्तेपुर पोस्ट बेड़नापुर थाना रामगांव के विरूद्ध पंजीकृत किया गया था। तत्कालीन विवेचनाधिकारी क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार सिंह द्वारा साक्ष्य संकलन, गवाहों की गवाही व विवेचनात्मक कार्यवाही के उपरान्त अभियुक्त उपरोक्त के विरुद्ध आरोप पत्र 24 फरवरी 2024 को अन्तर्गत धारा 498ए, 304बी, 302 भा.द.वि., धारा 3/4 डी.पी.एक्ट दाखिल किया गया था। न्यायालय द्वारा आरोपों को 10 जुलाई 2024 को विरचित किया गया। उक्त अभियोग में न्यायालय/पीठासीन अधिकारी आनन्द शुक्ला, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा मॉनिटरिंग सेल पुलिस कार्यालय, प्रभारी थाना रामगांव, ए.डी.जी.सी. क्रिमिनल प्रमोद कुमार सिंह, कोर्ट मोहर्रिर हे.का. मनोज कुमार, म.आ. पवन रेखा, थाना पैरोकार का. कृष्ण कुमार की प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप 28 अगस्त 2025 को दोषी अभियुक्त लवलेश को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई व 10,000 रुपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड न अदा करने की स्थिति में 03 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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