मेडिकल कालेज में पर्चें बनवाने में ही छूट रहे मरीजों के पसीने : सिर्फ एक काउन्टर चलने के चलते मरीजों में मारामारी
Kunwar Diwakar Singh
Sat, Aug 23, 2025
बहराइच। जिले में मेडिकल कालेज बनने के बाद लोगों में आस जगी थी कि उन्हें बेहतर इलाज अब मुहैया हो सकेगा। पर जमीनी हकीकत इससे उलट ही है। आलम यह है कि पर्चा बनवाने में ही मरीजों के पसीने छूट रहे है। डाक्टर तक पहुंचने की बात तो बाद है। चित्र में छपी यह फोटो शनिवार दोपहर 12ः40 बजे महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कालेज की है। जहां पर्चा बनवाने के लिए मरीज मारामारी कर रहे है। सिर्फ एक ही पर्चा काउन्टर चलने के चलते मरीज व तीमारदार जूझ रहे है। पर्चा बनाने वाले मो.शरीफ खान कह रहे थे कि बगल का प्रिंटर कई दिनों से खराब है। पर अब तक न तो प्रिंटर दिया गया है और न ही पुराने प्रिंटर की मरम्मत करायी गई है। आलम यह है कि पर्चा बनाने वाले दोनों हाल में भीषण भीड़ थी। कई महिलाएं तो आपस में तू-तू-मय-मय व मारपीट पर उतारू थी। ज्ञातव्य हो कि मेडिकल कालेज में सैकड़ो मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचते है। पर मेडिकल कालेज प्रशासन दावे तो बहुत बड़े-बड़े करता है पर हकीकत से इसके उलट ही है। पर्चा बनवाने के पहले टोकन व्यवस्था भी कोढ में खाज बनी हुई है। सिर्फ एक काउन्टर होने के चलते तमाम मरीज बगैर पर्चा बनवाएं ही वापस हो गए। क्योंकि एक बजे तक ही पर्चे बनाएं जाते है। कईयों के पर्चे बने भी तो चिकित्सक को नहीं दिखा सके। क्योंकि तब तक चिकित्सक अपनी कक्ष से जा चुके थे। गौरतलब हो कि मेडिकल कालेज में बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर व नेपाल तक मरीज इलाज के लिए पहुंचते है। कई-कई मरीजों को दो से तीन दिनों तक लगातार दौड़ना पड़ता है। क्योंकि एक दिन तो उनका पर्चा बनवाने में ही चला जाता है। ऐसे में लोगों को बेहतर इलाज की आस बेमानी साबित हो रही है। वहीं जब मेडिकल कालेज प्रबन्धन से इस बारें में बात करों तो वह बेहतर व्यवस्थायें होने का दावा करते है।
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