: जयंती पर याद किए गए पं.राम प्रसाद बिस्मिल
Admin
Sun, Jun 11, 2023
कांग्रेसियों ने पं.राम प्रसाद बिस्मिल के चित्र पर माल्यार्पण कर किया सामूहिक शैल्यूट
बहराइच। मातृभूमि की वंदना और देश की स्वतंत्रता की चाह तथा हर खून की बूंदों से वन्देमातरम् का उद्घोष करने वाले काकोरी काण्ड के अमर शहीद पंडित राम प्रसाद विस्मिल के 126वें जयंती पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी कुंवर दिवाकर सिंह के संयोजन में गांधी चबूतरा चिलवरिया बाजार में शहीद नमन् कार्यक्रम जिला कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र के अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित विस्मिल जी के चित्र पर माल्यार्पण करके सामूहिक रूप से शैल्यूट देकर वन्देमातरम् के उद्घोष से किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय प्रशिक्षक विनय सिंह ने आजादी के धरोहरों की सुरक्षा व सम्मान की जिम्मेदारी व कर्तब्य हमारी हेतु उपस्थित लोगों को प्रतिज्ञा कराई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंडित राम प्रसाद विस्मिल जी के बलिदान ने देश को दासता से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अगर वो चाहते तो समझौता करके आराम की जिंदगी जी सकते थे, और तरह तरह के सुख सुविधाओं का चुनाव कर सकते थे। किन्तु वे अमर नही होते तथा हम उनका स्मरण नहीं कर रहे होते। और न ही इतिहास पुरुष एवं हमारे प्रेरणादीप ही होते, वह भी उन हजारों, लाखों सुविधा भोगी लोगों की भीड़ में खो गए होते। जो देश में जीते तो हैं किन्तु देश के लिए नही जीते। जिलाध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र ने कहा कि पंडित विस्मिल जी के उद्घोष ‘‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुएँ कातिल में है‘‘ आज भी हमारे देश व समाज में ब्याप्त चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देता है, उनका आखिरी सलाम था ‘‘वन्देमातरम‘‘। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक कुंवर दिवाकर सिंह ने गांधी चबूतरा चिलवरिया बाजार में कुछ दबंग व असमाजिक तत्वों द्वारा किया जा रहा अतिक्रमण तथा गांधी चबूतरे को क्षति पहुंचाने जैसा कुकृत्यों पर ध्यान आकर्षित कराकर तत्काल अंकुश लगाने के लिए सभी राष्ट्रीय व सामाजिक सोच रखने वालों से पुरजोर अपील की। जिसे शासन व प्रशासन स्तर पर संज्ञान में लाकर गांधी चबूतरा चिलवरिया बाजार की सुरक्षा व सम्मान का जिम्मा लेकर कांग्रेस नेताओं व सेनानी उत्तराधिकारीगणों ने कार्यक्रम आयोजक को पूर्ण रूप से आश्वस्त किया। संचालन सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष इन्द्र कुमार यादव ने किया। उक्त अवसर पर जगतराम चौहान, मुनऊ पासवान सौरभ सिंह, मूलचन्द राव, मोहम्मद इशारत खान सहित कई लोगों ने अपने अपने विचार ब्यक्त किए। इसके अलावा अनिल साहू, प्रधान ध्रुव राज सिंह, विजय अग्रवाल, अनीस अहमद, रईश अहमद, राजेश कोटेदार, जोगीराम यादव, मुंशी लाल यादव, निक्की अग्रवाल सहित तमाम लोग शामिल रहे।
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