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: गौरवशाली इतिहास जानें पर आधारित विचार गोष्ठी आयोजित

वीर सपूत पृथ्वीराज चौहान के कृतित्व व ब्यक्तित्व पर प्रकाश डाला
बहराइच। राजपूताना हृदय सम्राट वीर सपूत पृथ्वीराज चौहान की जयंती लखनऊ-बहराइच मार्ग पर स्थित संत पथिक विद्यालय के निकट ग्राम पंचायत शिवपुरा में स्थित भूपेन्द्र सिंह चौहान के प्रतिष्ठान पर अखिल भारतीय गौरवशाली क्षत्रिय महासभा फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष धु्रव राज सिंह के अध्यक्षता में ‘आओ हम अपना गौरवशाली इतिहास जानें‘‘ पर आधारित विचार गोष्ठी आयोजित किया गया। गोष्ठी की शुरुआत पृथ्वीराज चौहान के चित्र पर माल्यार्पण करके व सामूहिक रूप से शैल्यूट कर किया गया। उक्त अवसर पर अखिल भारतीय गौरवशाली क्षत्रिय महासभा फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सिंह ने कहा कि वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान को राय पिथौरा के नाम से भी जाना जाता है। उनके पिता का नाम राजा सोमेश्वर सिंह चौहान तथा माता का नाम श्रद्धेया कमला देवी एवं उनकी धर्मपत्नी का नाम संयोगिता था। वे अंतिम राजपूताना शासक वंश में जन्मे सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने महज 11वर्ष की उम्र में अजमेर का शासन सम्भाला था, उन्हे शब्दभेदी बाण की अद्भुत कला व मेडिसिन गणितज्ञ इतिहास, पेंटिंग व युद्धकला में निपुण थे। अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिलाध्यक्ष धु्रवराज सिंह ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान के अंतिम बाण का जिक्र बार बार किया जाता है ‘‘चार बांस चौबीस गज अंगुल अष्ट प्रमाण, ता ऊपर सुल्तान है मत चूको चौहान। उन्होंने वर्तमान युवा पीढ़ी से अपना इतिहास पढ़ कर उस पर अमल करना वर्तमान समय की जरूरत पर बल दिया। संचालन जिला संयोजक बब्बू सिंह वैश ने किया। गोष्ठी को गोण्डा जनपद से आए विश्वनाथ सिंह विसेन तथा सामाजिक कार्यकर्ता मूलचन्द राव ने सम्बोधित करते हुए उनके कृतित्व व ब्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उक्त दौरान कक्षा सात का छात्र जय सिंह चौहान ने वीररस में कविता सुनाकर उपस्थित लोगों को भाव विभोर कर दिया।

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