मोबाईल कोर्ट में दिव्यांगजनों के 22 प्रकरणों की हुई सुनवाई : मोबाईल कोर्ट में अधिकतर प्रकरण श्रवण बधिर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र को लेकर सामने आये
Kunwar Diwakar Singh
Thu, Jun 19, 2025
बहराइच। जनपद के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत दिव्यांगजनों की समस्याओं का निस्तारण कराएं जाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट के जनता दर्शन हाल में आयोजित मोबाईल कोर्ट में दिव्यांगजनों की समस्याओं की सुनवाई करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिये गये। मोबाईल कोर्ट में अधिकतर प्रकरण श्रवण बधिर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र को लेकर सामने आये। सुनवाई के दौरान पाया गया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए ओ.पी.डी. अथवा अन्य माध्यमों से आने वाले दिव्यांगजनों को के.जी.एम.यू. लखनऊ को संदर्भित किया जा रहा है जहां पर पूरे प्रदेश से आने वाले प्रकरणों की बहुलता के कारण दिव्यांगजनों को वर्षों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है जबकि मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने वाले प्रकरणों को जनपद श्रावस्ती के लिए रेफर किया जा रहा है। इस स्थिति का कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य आयुक्त व उपायुक्त द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया कि दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने से सम्बन्धित प्रकरणों को 01 सप्ताह में निस्तारित कराया जाय। मोबाईल कोर्ट की मंशानुरूप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार ने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी श्रावस्ती से मोबाईल पर वार्ता कर दिव्यांगता जांच के लिए तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया। मोबाईल कोर्ट के दौरान कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई की गई। जिसमें 12 प्रकरण दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, 05 प्रकरण पेंशन, 03 प्रकरण भूमि विवाद तथा 01-01 प्रकरण दिव्यांग बच्चों के स्कूल खोले जाने तथा लोक निर्माण विभाग में स्थानान्तरण से सम्बन्धित था। इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राज कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत शैलेन्द्र कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रदीप कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन