: प्रेरणादायी है मोनिकारानी की आईएएस बनने की कहानी
Admin
Sat, Oct 14, 2023
घर और बच्चा भी संभाला, नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी भी की, ऐसा रहा आईएएस बनने का सफर
मोनिका रानी को चौथे प्रयास में मिली सफलता
बहराइच। यूपीएससी में सफलता हासिल करना आसान नहीं है। अगर आपके पास एक सपना है और उसे पूरा करने की हिम्मत है तो आप इस परीक्षा को पास कर सकते हैं। आज हम आपको एक अनोखी यूपीएससी की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं। शादीशुदा महिलाएं अपना घर संभालते हुए भी आईएएस बन सकती हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं डीएम मोनिका रानी।. यूपी के बहराइच जिले में डीएम के पद पर तैनात मोनिका रानी इन दिनों चर्चा में है।. मोनिका ने डीएम आवास में पिछले 32 साल से कुक के रूप में तैनात इंद्र बहादुर को रिटायरेंट की विदाई अनोखे अंदाज में दी। मोनिका का नाम यूपी के तेज तर्रार आईएएस ऑफिसर में लिया जाता है।. मोनिका रानी ने शादी के बाद (यूपीएससी) सिविल सर्विस परीक्षा शानदार रैंक के साथ क्रैक की। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था। आइए उनके संघर्ष पर एक नजर डालते हैं।
2010 बैच की रही आईएएस
मोनिका रानी साल 2010 बैच की आईएएस ऑफिसर हैं। उन्हें यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। आईएएस बनने से पहले मोनिका एक सरकारी स्कूल में टीचर रह चुकी हैं। उनका बचपन से सपना आईएएस बनने का था। उनके भाई ही उनके आदर्श थे। वह अपने भाई को घंटों पढ़ाई करते देखती थीं। मोनिका की शादी साल 2005 में हो गई थी।. शादी के बाद घरेलू जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई का साथ नहीं छोड़ा। वह दिल्ली के बिजवासन में एक सरकारी स्कूल में टीचर रहीं। टीचर की जॉब करने के साथ-साथ वह यूपीएससी की तैयारी करती रहीं।
बच्चे को संभालते हुए की पढ़ाई
मोनिका रानी का बेटा 8 महीने का था जब उन्होंने यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला लिया। मोनिका के पति कोलकाता में पोस्टेड थे। घर की जिम्मेदारी अकेले संभालते हुए मोनिका ने यूपीएससी की परीक्षा दी। हालांकि उन्हें चौथें प्रयास मे सफलता हासिल हुई। मोनिका ने घर की जिम्मेदारी निभाते हुए यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर ली। उन्हें यूपीएससी 2010 की सिविल सर्विस परीक्षा में 70वां रैंक प्राप्त हुआ था। मोनिका ने जब यूपीएससी परीक्षा क्रैक की तब वह 29 साल की थी। मोनिका रानी इन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। ऐसी सफलता किसी को नहीं मिली, इस लेडी ने आईएएस बनकर तोड़ दिये रिकॉर्ड।
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