क्रांतिकारी ऊधम सिंह का बलिदान दिवस मनाया गया : जलियांवाला बाग के हजारों हत्याओं के बदले के स्वरूप में अपना जीवन समर्पित करने के लिए सराहा
Kunwar Diwakar Singh
Thu, Jul 31, 2025
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में स्वतंत्रता की बलि वेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले महान क्रांतिकारी ऊधम सिंह का बलिदान दिवस मनाया गया। सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके अदम्य साहस और जलियांवाला बाग के हजारों हत्याओं के बदले के स्वरूप में अपना जीवन समर्पित करने के लिए सराहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसम्बर 1899 को पंजाब के सुनाम में हुआ था। जलियांवाला बाग हत्या काण्ड के बाद वे क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल हो गए। 1940 में उन्होंने लंदन में माइकल ओ डायर की गोली मारकर हत्या कर दी। उन्हें 31 जुलाई 1940 को फांसी दी गई थी। 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग नरसंहार से वह बहुत आहत थे और उन्होंने इसका बदला लेने को ठान लिया था। संगठन के जिला संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि सजा सुनाए जाने के बाद ऊधम सिंह ने कहा कि मेरा एक बयान है मैं कहता हूं कि भारत में ब्रिटिश साम्राज्यवाद का अंत हो और हम शांति से रहें। समाजसेवी एवं ग्राम प्रधान कमलेश त्रिपाठी ने कहा कि ऊधम सिंह की अस्थियां 1974 में भारत को लौटा दी गई और जलियांवाला बाग संग्रहालय अमृतसर में संरक्षित की गई। अन्त में उपस्थित सभी देशभक्तों ने विदेश की धरती पर भारतीय क्रांति का बिगुल फूंकने वाले ऊधम सिंह को शत्-शत् नमन करते हुए कार्यक्रम समाप्त किया। कार्यक्रम में पंकज शुक्ला, एडवोकेट विनय तिवारी, पुष्पेन्द्र द्विवेदी, अंशुमान, रामदीन गौतम सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।
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