: आदमखोर भेडियें के हमले में मासूम बालिका की मौत, वृद्धा घायल
Admin
Mon, Sep 2, 2024
महसी के नौवन गरेठी व बाराबीघा कोटिया की घटना
महसी, बहराइच। तहसील महसी क्षेत्र में भेड़िए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। वन विभाग जहां निरंतर भेड़िए को पकड़ने की कोशिश कर रहा है वहीं भेड़िया भी लगातार हमला कर वनाधिकारियो को चुनौती दे रहे हैं। बीती रात भी एक भेड़िए ने मां के साथ सो रही मासूम बालिका पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। भेड़िया उसे उठा ले गया। गांव के बाहर उसका शव सुबह पड़ा पाया गया। बच्ची के दोनों हाथ भेड़िया खा गया था। गौरतलब हो कि अंजलि पुत्री कमल कश्यप उम्र 3 वर्ष ग्राम नौवन गरेठी, गरेठी गुरुदत्त सिंह थाना हरदी समय सुबह 3.30 बजे घर में माँ के साथ सो रही थी। तभी भेड़िया मासूम बालिका को उठा ले गया। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर भेड़िया को पकड़ने की कोशिश की बावजूद इसके भेड़िया भागने में कामयाब हो गया। जिलाधिकारी मोनिका रानी व पुलिस अधीक्षक बृन्दा शुक्ला ने अन्य अधिकारियों के साथ मजरा नव्वन गरेठी पहुंच कर शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर ढांढस बंधाया तथा मौजूद अधिकारियों से घटना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष हरदी सूरज वर्मा ने बताया कि रात्रि लगभग 03 बजे की घटना है। घटना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी महसी अखिलेश कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी रूपेन्द्र गौड, खण्ड विकास अधिकारी हेमन्त यादव व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों ने पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी ली। महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाराबीघा कोटिया में अचाला पत्नी मोहन लाल उम्र लगभग 65 वर्ष पर बीती रात लगभग 12 बजे के आसपास भेड़िए ने हमला कर दिया। जिसको सीएचसी महसी से एंबुलेंस द्वारा जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। सबसे अहम और सोचने वाली बात यह है कि घर के दरवाजे को तोड़कर भेड़िए ने बुजुर्ग महिला को लगभग बीस मीटर बाहर घसीट लाया। जिसके बाद जब परिवार के लोगो ने हल्ला मचाया तब भेड़िया भाग गया। जिससे इस गांव के लोगों में और दहशत छा गया है। लोग पहले से चौकन्ने थे लेकिन अब और चौकन्ने हो गए हैं तथा लगातार अपने घरों की निगरानी कर रहे हैं। स्थिति को गम्भीर देखते हुए महसी सीएचसी केन्द्र के डाक्टरों ने बुजुर्ग महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सभी दावे फेल होते नजर आ रहे हैं क्योंकि भेड़िए का हमला लगातार हो रहा है रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। बड़े ही सुनियोजित तरीके से भेड़िया लोगों पर हमला कर रहा है। प्रशासनिक अमला लगातार मेहनत तो कर रहा है लेकिन वह मेहनत सार्थक नहीं दिखाई पड़ रही है। इस प्रकार हो रहे भेडियों के हमले से गांव में रह रहे लोगों का प्रशासन से बड़ी नाराजगी है।
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