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: निष्क्रिय दुग्ध समितियां को किया जाए क्रियाशीलः धर्मपाल

मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील करने के दिये गये निर्देश
निर्माणाधीन वृहद गौसंरक्षण केन्द्रों का कार्य जल्द पूर्ण कराया जाय
बहराइच। प्रदेश के मंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास, राजनैतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज तथा नागरिक सुरक्षा विभाग श्री धर्मपाल सिंह ने जनपद भ्रमण के दौरान लो.नि.वि. निरीक्षण भवन, बहराइच में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान सीवीओ डॉ. उपाध्याय ने बताया कि जनपद में 07 वृहद गौआश्रय स्थल व 106 अस्थायी गौआश्रय स्थल संचालित है जिसमें 28347 गौवंश संरक्षित हैं। जनपद में निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित किये गये अभियान के दौरान 5400 गोवंशों को संरक्षित किया गया है। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिया कि जनपद में निर्माणाधाीन वृहद केन्द्रों को निर्धारित मानक व गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण कराकर अवशेष गौवंशों को संरक्षित किया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संरक्षित गोवंशों को शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार चारे-पानी, भूसा, आवास व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाय। गोवंशों के संरक्षण में धनाभाव की स्थिति आड़े नहीं आने दी जायेगी। इस अवसर पर सदर विधायक श्रीमती अनुपमा जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी राजीव कुमार सिसोदिया, अपर निदेशक पशुपालन डॉ. केदार नाथ कुशवाहा, प्रधान प्रबन्धक दुग्ध संघ देवीपाटन मण्डल गोण्डा कन्हैया लाल यादव, जिला विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिया कि जनपद में दुग्ध समितियों का समय से भुगतान किया जाय तथा जो समितियां निष्क्रिय हैं उन्हें क्रियाशील किया जाय। श्री सिंह ने कहा कि तराई के क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की कोई कमी नहीं है।

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