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: यूपी बोर्ड परीक्षा के केन्द्र निर्धारण में दिखी भारी अनियमितता

डीएम द्वारा करायी गई जांच की मेरिट को किया गया दरकिनार
मनचाहे परीक्षा केन्द्रों को उच्च मेरिट में किया गया शुमार

बहराइच। यूपी बोर्ड परीक्षा 2024 के केन्द्र निर्धारण में भारी अनियमितता दिखी। यूपी बोर्ड परीक्षा जो एशिया की सबसे बड़ी परीक्षा शुमार है। जिसकों शुचितापूर्ण व पारदर्शी तरीके से संचालित कराना एक बड़ी चुनौती होती है। इसलिए बोर्ड प्रत्येक वर्ष साफ सुथरी छवि वाले विद्यालयों तथा परीक्षा योग्य संसाधनों से युक्त परीक्षा केन्द्रों के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजन कराया जाता है। जहां योगी सरकार में नकल विहीन परीक्षा एक नजीर बन चुका है वहीं इसकी शुचिता में सेंध लगाने वालों ने भी केन्द्र निर्धारण नीति 2024 शासनादेश संख्या 1135/15-7-23-01(14)/2022 दिनांक 6 सितम्बर 2023 के प्रस्तर-5 के परीक्षा केन्द्र निर्धारण के संबंध में मेरिट सूची तैयार किये जाने के लिए गुणांक प्रदान कर पृथक-पृथक मेरिट सूची तैयार की जायेगी। वहीं मेरिट आधारित केन्द्र अवस्थापना में बड़ी गडबडी कर मनचाहे केन्द्रों की मेरिट को उच्च दिखाया गया है तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा दिनांक 12.07.23 को प्रेषित जिला विद्यालय निरीक्षक के शासनादेश का पालन भी नहीं किया गया है। गत वर्ष 2023 में रहे परीक्षा केन्द्रों में 47 परीक्षा केन्द्रों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। बताते चले कि यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्र निर्धारण में मेरिट के आधार पर केन्द्रों को उनमें वरीयता क्रम (राजकीय, सहायता प्राप्त तथा वित्तविहीन) में उपलब्ध संसाधनों के निर्धारित एवं प्राप्त अंकों के गुणांक के आधार पर बनाया जाता है। जिसमें विद्यालयों के आधारभूत संसाधनों का भौतिक सत्यापन, जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिलाधिकारी द्वारा कराया जाता है। जिसमें संसाधनों के आधार पर प्राप्त अंकों, जिले तथा राज्य के टाप टेन सूची में शामिल होने के अंकों तथा हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक परीक्षाफल लाने वाले अंकों के गुणांक के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से परिषद कार्यालय को भेजा जाता है। जिसके आधार पर बोर्ड वरीयता क्रम में प्रस्तावित परीक्षा केन्द्रों को विज्ञापित करता है। परीक्षा केन्द्रों से बाहर किये गए विद्यालयों के संचालकों का आरोप है कि जिलाधिकारी द्वारा विद्यालयों के संसाधनों की जो जांच करायी गई है उसकी मेरिट तथा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा परिषद कार्यालय को भेजी गई मेरिट में काफी अंतर है। क्योंकि 2024 में जिन विद्यालयों को केन्द्र नहीं बनाया गया है उनकी मेरिट अन्य बनाये गए परीक्षा केन्द्रों के वरीयता क्रम में अधिक है। तथा कुछ केन्द्रों की मेरिट को बनाने में गलत तरीके से 90 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम लाने तथा टाप टेन सूची में छात्रों के शामिल होने का लाभ दे दिया गया है। जिससे मेरिट प्रभावित हुई है और 2023 में कतिपय विद्यालयों को छोड़कर कई वर्षों से लगातार शुचितापूर्ण परीक्षाओं के सम्पन्न कराने वाले विद्यालयों को यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्र बनने से वंचित कर दिया गया है। उक्त सभी अनियमितताओं की जांच परिषद कार्यालय द्वारा कराकर उक्त दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाये।


विद्यालयों की मेरिट बनाने में हुई भारी गड़बडी
बहराइच। यूपी बोर्ड परीक्षा 2024 में प्रस्तावित कुल 88 परीक्षा केन्द्र बनाये गए है। जबकि 2023 में कुल 118 परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा कराई गई थी। वही इस बार हाईस्कूल के 37,404 तथा इण्टरमीडिएट के 27,622 कुल 65,026 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलत होगे। 30 नवम्बर 2023 तक आरएमएसएडाटबहराइचएटदरेट जीमेलडाटकाम पर आनलाइन प्रत्यावेदन लिये जायेगे। लिखित प्रत्यावेदन कार्यालय द्वारा स्वीकार नहीं किये जायेगे।

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