विशेषज्ञों के साथ साथ कैमरों से ली जा रही है मदद : वन्य जीव सक्रियता क्षेत्र को 04 सेक्टरों में बांट कर की जा रही है निगरानी
Kunwar Diwakar Singh
Mon, Sep 15, 2025
बहराइच। वन प्रभाग बहराइच के कैसरगंज रेंज अन्तर्गत तहसील कैसरगंज एवं महसी के ग्रामों में अज्ञात वन्य जीव द्वारा किये गये हमले के दृष्टिगत नियंत्रण/शमन की कार्यवाही के दृष्टिगत हिंसक वन्य जीव के सक्रियता/प्रभावित क्षेत्रों को 04 सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों द्वारा दिवारात्रि में गश्त कर प्रभावित क्षेत्र को निगरानी में रखा गया तथा क्षेत्र में तैनात समस्त टीमों द्वारा सेक्टर प्रभारियों की देख-रेख रणनीति के तहत रेस्क्यू कार्यवाही का संचालन किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच राम सिंह यादव ने बताया कि क्षेत्रीय वनाधिकारी, कैसरगंज से 15 सितम्बर को प्राप्त हुई रिपोर्ट में किसी अज्ञात जानवर द्वारा एक घटना के कारित किये जाने का उल्लेख किया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय ग्रामवासियों से सूचना प्राप्त हुई कि 14 सितम्बर को सायं लगभग 04 बजे ग्राम-नंदवल, (केसरीपुरवा), पोस्ट नंदवल, थाना-बौण्डी, तहसील कैसरगंज निवासी मगेलू की पत्नी श्रीमती चंदा देवी, उम्र लगभग 70 वर्ष को किसी अज्ञात जानवर द्वारा घायल किया गया है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल वन विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुँचकर घायल महिला का प्राथमिक उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, फखरपुर में कराया गया। प्राथमिक उपचार के उपरान्त घायल को जिला चिकित्सालय बहराइच भेजा गया। घटना स्थल के आसपास के क्षेत्र में गश्ती टीमों द्वारा पैदल काम्बिंग कर हिंसक जानवर की पहचान, तलाश एवं रेस्क्यू की कार्यवाही की जा रही है। डीएफओ श्री यादव ने बताया कि वन विभाग द्वारा 14/15 सितम्बर को तहसील कैसरगंज व महसी के अज्ञात वन्य जीव आतंक प्रभावित क्षेत्र के सभी 04 सेक्टरों में वन्य जीव को खोजने/रेस्क्यू के उद्देश्य से सेक्टर प्रभारियों की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम द्वारा दो थर्मल ड्रोन एवं एक अन्य ड्रोन कैमरे तथा गश्ती दलों द्वारा वन्य जीव को खोजने की कार्यवाही की गयी। गश्ती दलों द्वारा संवेदनशील स्थलों पर कैमरा ट्रैपस को स्थापित कर उपद्रवी वन्य जीव के आवागमन को खोजने की कार्यवाही की गयी। डीएफओ ने बताया कि वन्य जीव के हमले से प्रभावित ग्रामों में सोलर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये गये हैं। ताकि वन्य जीव की पहचान सुनिश्चित करते हुए उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। इसके अलावा वन्य जीव संभावित स्थानों पर 03 ट्रैपिंग केज लगाये गये हैं ताकि अज्ञात वन्य जीव को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। गश्ती टीमों द्वारा पैदल चलकर सक्रिय वन्य जीव को चिन्हित किये जाने एवं पगमार्क खोजने की भी कार्यवाही की जा रही है। श्री यादव ने बताया कि जन जागरूता टीमों द्वारा स्थानीय ग्रामीणजनों को हिंसक वन्य जीवों से बचाव हेतु लगातार जागरूक किया जा रहा है।
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