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: बेघर और कच्चे मकान में रह रहे मछुवारों को अब मिलेगा पक्का मकान

बहराइच। झोपड़ियों और तंबू में जीवन यापन करने वाले मछुआरों को सरकार ने एक तोहफा दिया है। मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि मछुआ कल्याण कोष के तहत मछुआ समुदाय के लोगों को मुफ्त चिकित्सा और आवास उपलब्ध कराया जाएगा तथा मछुआ समुदाय बाहुल्य गांवों में बारात घर भी बनेंगे। जिलाधिकारी मोनिका रानी एवं श्रीमती कविता मीना मुख्य विकास अधिकारी ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रदेश सरकार ने मछुआ सामुदाय के लोगों के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं। सहायक निदेशक मत्स्य डा. जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि बेघर और कच्चे मकान में रह रहे लोगों को मछुआ आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास का क्षेत्रफल 25 वर्ग मी. होगा, जिसमे रसोईघर के लिए भी स्थान चिन्हित होगा। आवास की इकाई लागत रू. 1.20 लाख होगी। आवास हेतु अनुदान की धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में 03 किश्तों में अन्तरित की जायेगी । प्रथम किश्त सामान्य क्षेत्रों में 40 हजार, द्वितीय किश्त 70 हजार तथा तृतीय किश्त 10 हजार की होगी। प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर लाभार्थियों का सत्यापन संयुक्त रूप से ग्राम पंचायत अधिकारी, मत्स्य विकास अधिकारी तथा खण्ड विकास अधिकारी द्वारा किया जायेगा। ग्राम पंचायतों द्वारा ग्राम सभा की खुली बैठक में मछुआ आवास हेतु लाभार्थियों के चयन के लिए प्रस्ताव पारित कराकर खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित करने के उपरान्त संस्तुति सहित पात्र लाभार्थियों की सूची जनपदीय मत्स्य अधिकारी को प्रेषित किया जायेगा। खण्ड विकास अधिकारी पात्रता की जांच करते हुए इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि आवेदक प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना अथवा अन्य किसी आवासीय योजना से आच्छादित नहीं है, आवासहीन है तथा मछुआ आवास चयन के लिए पात्र है। तत्पश्चात जिला स्तरीय समिति द्वारा पात्र आवेदनों को डिजिटल लाटरी द्वारा रैण्डमाइज कर क्रम निर्धारित किया जायेगा।

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