क्रांतिकारी खुदीराम बोस ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ उठाई थी आवाज : सेनानी उत्तराधिकारियों ने खुदीराम बोस को अर्पित की श्रद्धांजलि
Kunwar Diwakar Singh
Sun, Sep 7, 2025
बहराइच। अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन द्वारा देश भर में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को सुबह दस बजे दस मिनट अपने आत्मीय पूर्वजों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, क्रांतिकारी शहीदों को श्रद्धांजलि पुष्पांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्र गान का गायन एवं किन्हीं एक क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी के जीवन परिचय पर विचार गोष्ठी आयोजित किए जाते हैं। उसी क्रम में रविवार को स्थानीय सेनानी भवन सभागार में क्रांतिकारी खुदीराम बोस को सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि खुदीराम बोस एक महान क्रांतिकारी थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई,वे 1905 के बंगाल विभाजन के बाद स्वतंत्रता आन्दोलन में शामिल हो गए थे। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने अंग्रेज जज किंग्सफोर्ड को मारने की कोशिश की लेकिन गलती से दो अंग्रेज महिलाओं को मार दिया। इस घटना के बाद खुदीराम बोस को गिरफ्तार कर लिया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। जिला संगठन के महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया ने कहा कि खुदीराम बोस के मन में देश को अंग्रेजों से आजाद कराने की ऐसी भावना जगी कि नौवीं कक्षा के बाद ही पढ़ाई छोड़ दी और स्वदेशी आंदोलन में कूद पड़े। अन्त में उपस्थित सभी सेनानी उत्तराधिकारियों ने भारत के सबसे कम उम्र के फांसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी खुदीराम बोस को नमन करते हुए कार्यक्रम समाप्त किया। कार्यक्रम में फूलमती देवी, विशेश्वर नाथ अवस्थी, दोस्त मोहम्मद, तुलसी राम मौर्य,अंगनू राम, अवलोक शुक्ल, जगतराम आर्य,रामू, सहित तमाम सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।
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