क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त का जन्मदिन मनाया गया : सेनानी उत्तराधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की चर्चा की
Kunwar Diwakar Singh
Tue, Nov 18, 2025
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त का जन्मदिन मनाया गया। सेनानी उत्तराधिकारियों ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि बटुकेश्वर दत्त भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अद्वितीय सेनानी थे जो 8 अप्रैल 1929 को भगतसिंह के साथ दिल्ली की केन्द्रीय असेम्बली में बम फेंकने और इंकलाब जिन्दाबाद नारा लगाने के लिए जाने जाते है, उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और काला पानी की सजा में अंडमान की सेलुलर जेल भेजा गया। संगठन के जिला इकाई बहराइच/श्रावस्ती के संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि ब्रिटिश सरकार की ओर से पब्लिक सेफ्टी बिल और ट्रेड डिस्प्यूट बिल लाया गया था, जिसका भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु और बटुकेश्वर दत्त ने विरोध किया था, और संसद भवन में बम फेंका था। घटना के बाद भगतसिंह और बटुकेश्वर दत्त को गिरफ्तार कर लिया गया और दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। समाजसेवी मनीष यादव ने कहा कि जेल में बटुकेश्वर दत्त और भगतसिंह ने राजनैतिक कैदियों के साथ अपमानजनक व्यवहार के विरोध में भूख-हड़ताल शुरू की और कुछ अधिकार प्राप्त करने में सफल रहे। समाजसेवी अर्जुन प्रसाद ने कहा कि हिन्दुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन जैसी महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी संस्था के सदस्य होने के बावजूद उनकी कार्यशैली अहिंसक ही थी। 1938 में रिहाई के बाद वो फिर से गांधी जी के साथ आन्दोलन में कूद पड़े लेकिन जल्द ही फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिये गये और कई वर्षों तक जेल की यातना झेलते रहे और उनकी रिहाई देश की आजादी के बाद हुई। उन्होंने आजादी के बाद समाज सेवा और सक्रिय राजनीति में भी योगदान दिया। अन्त में उपस्थित सेनानी उत्तराधिकारियों ने देश की आजादी में उनके अतुलनीय योगदान के लिए शत्-शत् नमन करते हुए कार्यक्रम को समाप्त किया। कार्यक्रम में शालिनी यादव, अर्चना मिश्रा, अरुण कुमार चौधरी, अवधेश मिश्रा सहित तमाम देश भक्त उपस्थित रहे।
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